Bihar Politics: बिहार कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, 53 जिलाध्यक्षों को सूची जारी, 43 नए चेहरे को मिली जिम्मेदारी, देखिए लिस्ट

Bihar Politics: बिहार में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए पार्टी की ओर से बड़ा कदम उठाया गया है। कांग्रेस ने बिहार के लिए 53 जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी की है। इनमें 10 को रिपीट किया गया है तो वहीं 43 नए चेहरे शामिल हैं।

53 जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी - फोटो : social media

Bihar Politics:  बिहार विधानसभा 2025 में मिली करारी हार के बाद अब कांग्रेस बिहार में अपना संगठन मजबूत करने की कोशिश में है। कांग्रेस की ओर से लगातार संगठन को आगे बढ़ाने के लिए एक के बाद एक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस पार्टी में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल हुआ है। कांग्रेस ने सोमवार को 53 जिलाध्यक्षों की नई सूची जारी कर दी है। इस सूची में 10 जिलाध्यक्षों को दोबारा मौका मिला है तो वहीं 43 नए चेहरों को शामिल किया गया है। पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसकी आधिकारिक जानकारी दी।

जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी 

पार्टी के अनुसार, “संगठन सृजन अभियान” के तहत यह नियुक्तियां की गई हैं। राज्य में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए ऑब्जर्वर्स की रिपोर्ट, विस्तृत समीक्षा और फीडबैक के आधार पर यह फैसला लिया गया। सभी जिला ऑब्जर्वर्स के साथ वन-टू-वन चर्चा के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया।

इन जिलाध्यक्षों को मिला दोबारा मौका

गोपालगंज में ओमप्रकाश गर्ग, कैमूर में राधेश्याम कुशवाहा, लखीसराय में अमरेश कुमार अनीश, मुजफ्फरपुर में अरविंद कुमार मुकुल, पटना ग्रामीण-2 में गुरजीत सिंह, सहरसा में मुकेश झा, सिवान में सुशील कुमार, गोविंदगंज में शशि भूषण राय, कटिहार ग्रामीण में सुनील यादव और शेरघाटी-बोधगया में संतोष कुमार को रिपीट किया गया है।

पटना टाउन के जिलाध्यक्ष बदले 

हालांकि, कुछ नेताओं के क्षेत्र में बदलाव भी किया गया है। शशि भूषण को पूर्वी चंपारण से गोविंदगंज, संतोष कुमार को गया से शेरघाटी-बोधगया और सुनील यादव को कटिहार से कटिहार ग्रामीण की जिम्मेदारी दी गई है। पटना टाउन के जिलाध्यक्ष को भी बदला गया है।

जातीय समीकरण पर कांग्रेस की रणनीति

नई सूची में कांग्रेस पुराने सामाजिक समीकरण पर लौटती दिख रही है। 53 जिलों में ब्राह्मण और यादव समुदाय के नेताओं को सबसे अधिक 10-10 जिलों की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा मुसलमान, दलित और भूमिहार समुदाय के नेताओं को 7-7 जिलों का नेतृत्व मिला है, जबकि राजपूत नेताओं को 5 जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। कुल 53 में से 38 जिलों की कमान सवर्ण, दलित और मुस्लिम नेताओं को सौंपी गई है।

पटना में भी बदलाव

पटना में भी नए समीकरण देखने को मिले हैं। पटना ग्रामीण-1 में चंदन कुमार, पटना ग्रामीण-2 में गुरजीत सिंह और पटना शहरी में कुमार आशीष को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस ने इस बार जिलाध्यक्षों के चयन में अनुभव से ज्यादा स्थानीय पकड़ और प्रभाव को प्राथमिकता दी है। पार्टी अब जिलाध्यक्षों को अधिक अधिकार देने की योजना बना रही है, ताकि जिला स्तर पर संगठन को मजबूत किया जा सके। यह प्रयोग आगे प्रखंड और राज्य स्तर पर भी लागू किया जाएगा।

दिल्ली से धीरज की रिपोर्ट