अब खेत-खेत पहुंचेगी बिजली: ऊर्जा विभाग लगाएगा विशेष कैंप, कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को मुफ्त सोलर पैनल का तोहफा
बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, मनोज कुमार सिंह ने साफ कर दिया है कि 'सात निश्चय-2' की परियोजनाओं में अब कोई बहानेबाजी नहीं चलेगी।
Patna - बिहार के ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, मनोज कुमार सिंह ने शुक्रवार को बिजली विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक की। विद्युत भवन में आयोजित इस बैठक में सचिव ने स्पष्ट कर दिया कि विकास योजनाओं में किसी भी तरह की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने 'सात निश्चय-2' के तहत चल रही सभी परियोजनाओं को मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा करने का अल्टीमेटम दे दिया है।
क्वालिटी से समझौता किया तो खैर नहीं
ऊर्जा सचिव ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिया कि परियोजनाओं की कमिशनिंग (शुरुआत) से पहले मुख्यालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत गहन जांच की जाए। सचिव ने दो टूक कहा, "ऊर्जा विभाग की सेवाएं 'अत्यधिक संवेदनशील' श्रेणी में आती हैं। तार, पोल और ट्रांसफॉर्मर की गुणवत्ता में जरा भी कमी मिली तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।" मुख्यालय की टीमें अब फील्ड में जाकर औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) भी करेंगी।
हर खेत को बिजली: अब गांव-गांव लगेंगे कैंप
किसानों के लिए खुशखबरी देते हुए ऊर्जा सचिव ने निर्देश दिया कि प्रमंडल और सेक्शन स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएं। इन कैंपों के जरिए 'मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना-II' के तहत कृषि कनेक्शन के लिए मौके पर ही आवेदन लिए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि सिंचाई के लिए बिजली कनेक्शन के इंतजार में बैठे किसानों को त्वरित राहत दी जाए और ऑफ-ग्रिड इलाकों को जल्द से जल्द ऑन-ग्रिड सिस्टम से जोड़ा जाए।
कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को सोलर गिफ्ट
गरीब परिवारों (कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं) के लिए सरकार ने रूफटॉप सोलर पैनल योजना को गति देने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 2.5 लाख घरों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है। ऊर्जा सचिव ने निर्देश दिया कि सिर्फ ऑनलाइन 'सुविधा ऐप' के भरोसे न रहें, बल्कि कैंप लगाकर हर प्रमंडल से कम से कम 5,000 सहमति पत्र प्राप्त करें। इससे गरीब उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भारी कमी आएगी।
RDSS योजनाओं की भी हुई स्कैनिंग
बैठक में रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत बन रहे नए पावर सब-स्टेशनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन के एमडी महेंद्र कुमार और नॉर्थ बिहार के एमडी राहुल कुमार सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सचिव ने साफ किया कि 24X7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।