स्मार्ट मीटरिंग पर सरकार का 'अल्टीमेटम': 31 मार्च तक हर हाल में पूरा करें काम, लापरवाहों पर गिरेगी गाज
बिहार में बिजली व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और हाई-टेक बनाने के लिए ऊर्जा विभाग ने कमर कस ली है। गुरुवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों और एजेंसियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
Patna - : बिहार में बिजली वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए ऊर्जा सचिव श्री मनोज कुमार सिंह ने 'डेडलाइन' तय कर दी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि 31 मार्च तक स्मार्ट मीटरिंग, डीटी मीटरिंग और कंज्यूमर टैगिंग का कार्य हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए। इस कार्य में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
31 मार्च तक का 'अल्टीमेटम'
ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के सीएमडी श्री मनोज कुमार सिंह ने विद्युत् भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान सभी एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस प्रोवाइडर (AMISP) को सख्त लहजे में निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग और सिस्टम मीटरिंग के साथ-साथ डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (DT) मीटरिंग का कार्य आगामी 31 मार्च तक शत-प्रतिशत पूरा हो जाना चाहिए।
10% रैंडम वेरिफिकेशन से खुलेगी पोल
कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा सचिव ने एक नया सुरक्षा घेरा तैयार किया है। उन्होंने सभी विद्युत अधीक्षण अभियंताओं को आदेश दिया है कि वे डीटी मीटरिंग और कंज्यूमर टैगिंग कार्यों का कम से कम 10 प्रतिशत रैंडम वेरिफिकेशन (अचानक जांच) खुद करेंगे। इससे ग्राउंड रिपोर्ट की वास्तविकता का पता चल सकेगा और गलतियों की गुंजाइश खत्म होगी।
कंज्यूमर टैगिंग में 'जीरो एरर' की नीति
बैठक के दौरान ऊर्जा सचिव ने टैगिंग कार्य में शत-प्रतिशत एक्यूरेसी (सटीकता) सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कंज्यूमर टैगिंग में किसी भी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए, ताकि भविष्य में बिलिंग या बिजली वितरण से संबंधित कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।
उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा
इस महत्वपूर्ण बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री महेंद्र कुमार सहित दोनों डिस्कॉम के वरीय अधिकारी और विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल रहे। बैठक में वर्तमान प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और जहां भी कार्य की गति धीमी पाई गई, वहां जवाबदेही तय करने की बात कही गई।
पारदर्शिता और दक्षता पर विशेष बल
राज्य सरकार की यह पहल स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को अधिक भरोसेमंद बनाने और विद्युत वितरण में होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में बड़ा कदम है। ऊर्जा सचिव ने गुणवत्ता नियंत्रण और नियमित मॉनिटरिंग को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सके।
उपभोक्ताओं को मिलेगा सटीक बिलिंग का लाभ
इस पूरी कवायद का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा। डीटी मीटरिंग और कंज्यूमर टैगिंग पूरी होने से बिजली चोरी पर लगाम लगेगी और उपभोक्ताओं को मिलने वाला बिजली बिल अधिक सटीक और पारदर्शी होगा। सरकार का लक्ष्य बिहार को बिजली वितरण के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।