'बिहार के साथ मोदी सरकार कर रही सौतेला व्यवहार', तेजस्वी यादव का हमला, बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग

तेजस्वी यादव ने कहा कि जब गुजरात में बाढ़ आती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तुरंत राज्य के नेताओं से बात कर राहत का भरोसा देते हैं और वायुसेना समेत राहत एजेंसियों की तैनाती के निर्देश देते हैं। लेकिन बिहार के मामले में ऐसा नहीं होता

Bihar Floods Tejashwi Yadav- फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बाढ़ राहत को लेकर केंद्र सरकार पर बिहार के साथ "सौतेला व्यवहार" करने का आरोप लगाया है। रविवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार से आने वाले केंद्रीय मंत्रियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे राज्य के लिए विशेष राहत पैकेज दिलाने में विफल रहे हैं।


तेजस्वी यादव ने कहा कि जब गुजरात में बाढ़ आती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तुरंत राज्य के नेताओं से बात करते हैं, राहत का भरोसा देते हैं और जरूरत पड़ने पर भारतीय वायुसेना समेत राहत एजेंसियों की तैनाती के निर्देश देते हैं। लेकिन बिहार के मामले में ऐसा नहीं दिखता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री चुनाव के समय बिहार आते हैं और ‘लिट्टी-चोखा’ खाते हैं, लेकिन बाढ़ जैसी आपदा के दौरान राज्य को पर्याप्त सहायता नहीं मिलती।


राजद नेता ने बताया कि उन्होंने 7 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिहार में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और तत्काल 5,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक किसी भी पत्र का जवाब नहीं मिला है।


तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार की "डबल इंजन" सरकार के दोनों इंजन फेल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से कितनी बार बात करते हैं, लेकिन यह सवाल जरूर उठता है कि अब तक केंद्र से कोई बड़ा राहत पैकेज क्यों नहीं मिला।


उन्होंने कहा कि बिहार से कई केंद्रीय मंत्री हैं, लेकिन राज्य के लिए केंद्रीय सहायता सुनिश्चित कराने में कोई प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहा है। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि जिस तरह प्रधानमंत्री ने बाढ़ के समय बिहार की अनदेखी की है, उसी तरह भविष्य में बिहार की जनता भी उन्हें नजरअंदाज करेगी। बिहार के कई जिले इस समय बाढ़ की चपेट में हैं और विपक्ष लगातार केंद्र से अधिक आर्थिक सहायता तथा बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग कर रहा है।

रंजन की रिपोर्ट