बिहार को मिला पहला सेंटर फॉर अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेस: आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में डॉ. शामिका रवि ने किया विधिवत शुभारंभ

बिहार को पहला सेंटर फॉर अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेस मिल गया है। गुरुवार को आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में इस केंद्र का उद्घाटन प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की सदस्य डॉ. शामिका रवि ने किया....

बिहार को मिला पहला सेंटर फॉर अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेस- फोटो : रोहित

Patna : आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (AKU), पटना में बिहार के पहले 'सेंटर फॉर अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेस' का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस केंद्र का उद्घाटन प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की सदस्य डॉ. शामिका रवि ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी, सांसद शांभवी चौधरी तथा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) शरद कुमार यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह केंद्र राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण की चुनौतियों से निपटने और साक्ष्य-आधारित शोध के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।


कुलपति की पहल की सराहना और उच्च शिक्षा का नया दृष्टिकोण

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. शामिका रवि ने कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव की दूरदर्शिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रह सकती। उच्च शिक्षण संस्थानों को समाज और शासन के सामने मौजूद वास्तविक समस्याओं पर गुणवत्तापूर्ण शोध करना होगा। यह केंद्र शहरी विकास, नीति-निर्माताओं और अकादमिक जगत के बीच एक प्रभावी संवाद का माध्यम बनेगा।


बहुविषयक शोध से होगा शहरी समस्याओं का समाधान

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव ने कहा कि बिहार के शहरों में आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ आवास, यातायात, स्वच्छता, जलापूर्ति और पर्यावरण जैसी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। इनका समाधान केवल एक विषय से संभव नहीं है, बल्कि अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, इंजीनियरिंग और डेटा विज्ञान जैसे क्षेत्रों के बहुविषयक (Multidisciplinary) दृष्टिकोण से ही निकाला जा सकता है। यह केंद्र छात्रों को जमीनी स्तर पर स्थानीय निकायों के साथ काम करने का अवसर भी देगा।


पारदर्शी प्रशासन और नागरिक सहभागिता पर जोर

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने कहा कि शहरों के सतत विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना के साथ-साथ प्रशासन को नागरिक-केंद्रित बनाना जरूरी है। वहीं, सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि शहरी विकास का मतलब केवल सड़कें और इमारतें बनाना नहीं, बल्कि पारदर्शी प्रशासन, सामाजिक समावेशन और हरित क्षेत्रों का विकास भी है। उन्होंने इस केंद्र को शोधार्थियों के लिए एक बेहतरीन अवसर बताया।


नीति संवाद और प्रशिक्षण का बनेगा प्रमुख केंद्र

इस नए केंद्र के माध्यम से सरकार, शहरी स्थानीय निकायों (ULBs), विकास एजेंसियों और विशेषज्ञों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा। यहाँ विशेषज्ञ व्याख्यान, नीति संवाद, क्षेत्रीय अध्ययन और व्यावहारिक प्रशिक्षण जैसी गतिविधियाँ संचालित की जाएँगी। आने वाले वर्षों में यह संस्थान बिहार के सतत और समावेशी शहरी विकास के लिए साक्ष्य-आधारित नीतियों के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।


रोहित की रिपोर्ट