मददगारों का मान: बिहार में 95 राह-वीरों को मिला राजकीय सम्मान, अब घायल की मदद पर मिलेगा 25 हजार का इनाम

बिहार में इंसानियत की मिसाल: सड़क दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने वाले 95 'राह-वीर' सम्मानित। मदद करने पर मिलेगा 25,000 तक का इनाम। परिवहन सचिव ने कहा- राहगीर नहीं, राह-वीर बनें।

Patna  - गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बिहार के सभी जिलों में मानवता की मिसाल पेश करने वाले 95 'गुड सेमेरिटन' यानी राह-वीरों को सम्मानित किया गया। जिला स्तर पर आयोजित मुख्य समारोहों में जिला पदाधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने इन नागरिकों को उनकी वीरता और तत्परता के लिए प्रशस्ति पत्र देकर नवाजा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के समय घायलों की मदद करने वाले साहसी नागरिकों को प्रोत्साहित करना है।

परिवहन सचिव का आह्वान: 'राहगीर नहीं, राह-वीर बनें'

इस अवसर पर परिवहन सचिव श्री राज कुमार ने सम्मानित नागरिकों की सराहना करते हुए उन्हें समाज का 'वास्तविक नायक' बताया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ित को देखकर केवल मूकदर्शक या राहगीर बने रहना काफी नहीं है, बल्कि तुरंत मदद के लिए आगे आकर 'राह-वीर' बनना चाहिए। सरकार चाहती है कि समाज में मानवीय संवेदनाएं जागृत हों और लोग बिना किसी कानूनी डर के घायलों की मदद करें।

इंसानियत दिखाएगी रास्ता, सुरक्षित रहेगी हर जान

परिवहन सचिव ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क दुर्घटना के समय पीड़ितों की सहायता करने से बिल्कुल न हिचकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुर्घटना के बाद का समय (गोल्डन आवर) बेहद कीमती होता है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति की त्वरित मदद न केवल एक जीवन बचाती है, बल्कि समाज में सहयोग और संवेदना की भावना को भी सुदृढ़ करती है।

तत्परता से बची कई जिंदगियां, समाज को मिला संदेश

सम्मानित किए गए 95 राह-वीरों ने अलग-अलग घटनाओं में अपनी जान की परवाह किए बिना पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया था। इन नागरिकों की सक्रियता के कारण कई ऐसे लोग आज जीवित हैं, जो समय पर इलाज न मिलने के कारण दम तोड़ सकते थे। प्रशासन का मानना है कि ऐसे सम्मान समारोहों से सड़क सुरक्षा के प्रति जनता में एक सकारात्मक संदेश जाता है और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के आंकड़े कम किए जा सकते हैं।

पुरस्कार की बौछार: 25 हजार रुपये तक का नकद इनाम

राज्य सरकार ने राह-वीरों के लिए बड़े प्रोत्साहन की व्यवस्था की है। सड़क दुर्घटना में गंभीर घायलों की मदद करने वालों को प्रशस्ति पत्र के साथ-साथ 25 हजार रुपये तक की पुरस्कार राशि प्रदान करने का प्रावधान है। यह राशि उन लोगों को दी जाती है जो 'गोल्डन आवर' में पीड़ित को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाते हैं।