बिहार के प्रमुख शिवालयों तक अब बनेगा सुगम 'कांवरिया पथ', सुल्तानगंज-देवघर की तर्ज पर सरकार ने बनाई योजना
सुल्तानगंज-देवघर की तर्ज पर चार नए कांवरिया पथों के निर्माण पर विचार कर रही है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विधानसभा में बताया कि सिमरिया से उगना महादेव और सोनपुर से बाबा गरीबनाथ जैसे प्रमुख रूटों का तकनीकी आकलन शुरू कर दिया गया है
Patna - बिहार के शिव भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी सौगात की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को बिहार विधानसभा में पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने घोषणा की कि सरकार सुल्तानगंज-देवघर की तर्ज पर राज्य के अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक रूटों को भी 'कांवरिया पथ' के रूप में विकसित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। जदयू विधायक विनय कुमार चौधरी द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर देते हुए मंत्री ने बताया कि इन नए पथों के निर्माण की संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।
सरकार की योजना के अनुसार, राज्य में चार बड़े कांवरिया पथों के निर्माण की संभावना तलाशी जा रही है। इसमें बेगूसराय के सिमरिया से मधुबनी के पंडौल स्थित उगना महादेव मंदिर तक 115 किमी का मार्ग और सोनपुर से मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर तक का 80 किमी लंबा पथ शामिल है। इसके अलावा, कहलगांव से बासुकीनाथ (बिहार का हिस्सा 87 किमी) और पुनपुन से गया के बैजूधाम तक 86 किमी लंबे मार्ग को कांवरिया पथ के रूप में विकसित करने की मांग पर सरकार काम कर रही है।
मंत्री डॉ. जायसवाल ने सदन को आश्वस्त किया कि इन सभी पथों को कांवरिया पथ के रूप में बदलने के लिए पहले चरण में इनकी तकनीकी संभावनाओं (Technical Feasibility) का आकलन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुल्तानगंज-देवघर मार्ग की तरह ही इन रास्तों पर भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाओं और सुगम मार्ग का खाका तैयार किया जा रहा है। तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही निर्माण की अगली विस्तृत कार्रवाई और बजट आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस पहल से न केवल राज्य में धार्मिक पर्यटन (Spiritual Tourism) को नया आयाम मिलेगा, बल्कि सावन और अन्य विशेष अवसरों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को भी सुरक्षित और सुविधाजनक रास्ता मिल सकेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने के साथ-साथ इन क्षेत्रों के ढांचागत विकास में भी तेजी आने की उम्मीद है। सरकार का यह कदम बिहार के पौराणिक और धार्मिक महत्व वाले स्थलों को आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।