Bihar Budget: बिहार सरकार का 4 लाख करोड़ का होगा रोजगार बजट! नीतीश सरकार युवाओं-महिलाओं के लिए खोलेगी खज़ाना, 3 फरवरी को इन बड़े ऐलानों की हो सकती है घोषणा

Bihar Budget:प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह पहला बजट होगा, इसलिए इसके सियासी और नीतिगत संदेश पर सबकी निगाहें टिकी हैं। ..

बिहार सरकार का 4 लाख करोड़ का होगा रोजगार बजट!- फोटो : Hiresh Kumar

Bihar Budget: बिहार सरकार का 2026-27 का बजट 3 फरवरी को पेश होने की उम्मीद है और यह अब तक का सबसे बड़ा बजट साबित हो सकता है। क़रीब 4 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित आकार वाला यह बजट पिछले साल से लगभग 83 हज़ार करोड़ रुपये अधिक होगा। प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह पहला बजट होगा, इसलिए इसके सियासी और नीतिगत संदेश पर सबकी निगाहें टिकी हैं। संकेत साफ़ हैं—इस बार सरकार का फोकस ईंट-पत्थर से ज़्यादा नौकरी, रोज़गार, युवा और महिलाएं होंगी।

सूत्रों के मुताबिक बजट में 2 लाख सरकारी नौकरियों का बड़ा एलान हो सकता है। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं का तोहफ़ा मिलने की भी पूरी संभावना है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को नौकरी या रोज़गार से जोड़ने का है, और बजट में इसकी झलक दिखेगी। नए साल में ही 2.64 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने का रास्ता साफ़ हो सकता है। शिक्षा, गृह और स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज़्यादा बहाली होगी। 1.42 लाख से अधिक पदों पर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिनमें 46 हज़ार शिक्षक और 36 हज़ार से ज़्यादा पुलिसकर्मी शामिल हैं।

शिक्षा पर नीतीश सरकार का ज़ोर बरकरार रहेगा। स्कूली शिक्षा और साक्षरता के लिए रिकॉर्ड आवंटन संभव है। क्लास 6 से कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने की तैयारी है, जिसके लिए बजट में अलग से राशि रखी जाएगी। पिछली बार भी शिक्षा विभाग को सबसे बड़ा हिस्सा मिला था, और इस बार भी यही रुझान दिख सकता है।

महिलाओं के लिए बजट और भी अहम माना जा रहा है। चुनाव से पहले शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को आगे बढ़ाते हुए कारोबार शुरू करने वाली महिलाओं को 2-2 लाख रुपये देने की व्यवस्था की जाएगी। सभी जीविका दीदियों को यह लाभ देना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है, इसलिए शर्तों के साथ इसे लागू किया जाएगा। पिंक बस सेवाओं का दायरा सभी जिलों तक बढ़ाने और इन्हें महिला चालकों से चलाने की योजना भी बजट में जगह पा सकती है।

विधवा और वृद्धा पेंशन बढ़ाने के बाद अब इसके लिए स्थायी फंड का इंतज़ाम होगा। बुजुर्गों के घर-घर इलाज की व्यवस्था पर भी खर्च बढ़ सकता है। साथ ही 2027 तक किसी भी जिले से पटना की दूरी चार घंटे में तय करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सड़क, पुल और एक्सप्रेस-वे पर निवेश जारी रहेगा।

कुल मिलाकर, यह बजट सिर्फ़ आंकड़ों का नहीं, बल्कि नीतीश सरकार की सियासी प्राथमिकताओं का एलान होगा जहां विकास की भाषा में सबसे ऊंची आवाज़ रोज़गार और सामाजिक सुरक्षा की होगी।