बिहार में नौकरियों की 'महा-बहार'! 51,000 पुलिसकर्मियों की होगी बहाली; गृह विभाग के बजट में हुआ बड़ा इजाफा, SISF की होगी स्थापना
बिहार गृह विभाग के बजट में भारी बढ़ोतरी के साथ ही 51 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की बहाली का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही, पटना मेट्रो और औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष बटालियन की स्थापना जैसे क्रांतिकारी कदम भी उठाए जा रहे हैं।
Patna -: बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में गृह विभाग के लिए अपनी तिजोरी खोल दी है। राज्य में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 51 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की बहाली की घोषणा की गई है। गृह विभाग के बजट में इस साल 2300 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है, जिससे न केवल नई नियुक्तियां होंगी, बल्कि पुलिस के लिए आधुनिक भवनों और अत्याधुनिक सुरक्षा बटालियनों का जाल बिछाया जाएगा।
51 हजार पदों पर बहाली का 'रोडमैप' तैयार
बिहार पुलिस में रिक्तियों को भरने के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। कुल 51 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की बहाली की जानी है, जिसमें से 26 हजार 859 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 25 हजार 134 नए पदों पर नियुक्ति का प्रस्ताव रखा है, जिससे राज्य में पुलिस-पब्लिक अनुपात में सुधार होगा।
मेट्रो और एयरपोर्ट के लिए तैनात होगी अपनी सुरक्षा बटालियन
राज्य की औद्योगिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए बिहार राज्य औद्योगिक सुरक्षा बटालियन (एसआईएसएफ) की स्थापना की जाएगी। यह बटालियन विशेष रूप से पटना मेट्रो, औद्योगिक क्षेत्रों और राज्य के नए प्रस्तावित हवाई अड्डों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेगी। इसके लिए नवादा में एसआईएसएफ-3 और मोतिहारी में एसआईएसएफ-4 की स्थापना हेतु भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
बजट में ₹2300 करोड़ की भारी बढ़ोतरी
गृह विभाग का बजट आकार इस साल 17,831.21 करोड़ रुपये से बढ़कर 20,132.53 करोड़ रुपये हो गया है। इस बजट में योजना मद (Plan Outlay) में भी 479 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से पुलिस आधुनिकीकरण, नए थाना भवनों के निर्माण और सुरक्षा बलों के लिए उच्च स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करने में किया जाएगा।
पटना में बनेंगे हाईटेक पुलिस मुख्यालय और मेस
आधुनिकीकरण की दिशा में पटना में डायल-112 का नया भवन, एसएसपी आवास और साइबर अपराध इकाई के लिए विशेष कार्यालय बनाए जाएंगे। इसके अलावा, विशेष शाखा के भवन और आईपीएस मेस निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। लोदीपुर में करीब 63 करोड़ की लागत से एसटीएफ (STF) का अत्याधुनिक मुख्यालय बनेगा, जबकि गर्दनीबाग में 23 करोड़ की लागत से मानवाधिकार आयोग का कार्यालय आकार लेगा।
फोरेंसिक साइंस और 'डायल-112' पर विशेष जोर
राज्य में अपराध अनुसंधान को वैज्ञानिक आधार देने के लिए नौ अतिरिक्त क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं बनाई जा रही हैं। साथ ही, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के 'ऑफ कैंपस' की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, डायल-112 सेवा ने अब तक 52 लाख से अधिक लोगों को समय पर मदद पहुँचाकर पुलिस की विश्वसनीयता को बढ़ाया है।
विशेष सशस्त्र पुलिस के लिए जिलों में जमीन हस्तांतरण
बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) की विभिन्न बटालियनों के लिए भी नई चौकियों और केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। मोकामा में बीसैप-16, बेतिया में बीसैप-18, छपरा में बीसैप-14 और भागलपुर में बीसैप-15 के लिए भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही सहरसा में पुलिस केंद्र और बेतिया में सिपाही प्रशिक्षण विद्यालय के लिए भी जमीन चिह्नित कर ली गई है।
| विवरण | पिछला बजट (2025-26) | नया बजट (2026-27) |
| कुल बजट आकार | ₹17,831.21 करोड़ | ₹20,132.53 करोड़ |
| स्थापना मद | ₹16,597.96 करोड़ | ₹18,430.37 करोड़ |
| योजना मद | ₹1223.65 करोड़ | ₹1702.50 करोड़ |
| कुल वृद्धि | - | ₹2,301.32 करोड़ |