Bihar Ias News - मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित 316 IAS अधिकारियों की नई सिविल लिस्ट जारी, 30 मार्च तक मांगी गई आपत्तियां

बिहार सरकार ने 1 जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार 316 IAS अधिकारियों की ई-सिविल लिस्ट जारी की है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित सभी अधिकारियों से 30 मार्च तक आपत्तियां मांगी गई हैं।

Patna - : बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने बिहार संवर्ग के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की नई 'ई-सिविल लिस्ट 2026' का प्रारूप जारी कर दिया है । इस सूची में वर्तमान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित राज्य के सभी 316 आईएएस अधिकारियों का विस्तृत विवरण शामिल किया गया है ।

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया निर्देश

सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव सिद्धेश्वर चौधरी द्वारा जारी पत्र (संख्या-5751) के माध्यम से बिहार संवर्ग के सभी आईएएस अधिकारियों को सूचित किया गया है कि भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा 1 जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार सिविल लिस्ट तैयार की गई है । विभाग ने सभी अधिकारियों से इस प्रारूप का अवलोकन करने और यदि कोई त्रुटि या आपत्ति हो, तो उसे 30 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है ।

मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों का विवरण

जारी की गई सूची के अनुसार, 1991 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रत्यय अमृत बिहार के मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत हैं, जिन्होंने 1 सितंबर 2025 को यह पदभार ग्रहण किया था । सूची में अन्य प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • अन्शुली आर्या (1989 बैच): वर्तमान में केंद्र सरकार के राजभाषा विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत हैं ।
  • संजय कुमार (1990 बैच): स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग, भारत सरकार में सचिव के पद पर प्रतिनियुक्त हैं ।
  • केशव कुमार पाठक (1990 बैच): कैबिनेट सचिवालय, भारत सरकार में विशेष सचिव के पद पर तैनात हैं ।


डेटा अप्डेशन और पारदर्शिता पर जोर

इस सिविल लिस्ट में अधिकारियों की जन्म तिथि, शैक्षणिक योग्यता, वर्तमान पदस्थापना (Posting), वेतनमान और डोमिसाइल (मूल निवास) जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं । उदाहरण के तौर पर, सूची में दर्शाया गया है कि बिहार संवर्ग के कुल 316 अधिकारियों में से कई महत्वपूर्ण पदों पर राज्य में सेवा दे रहे हैं, जबकि कई अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) पर दिल्ली में कार्यरत हैं ।

समय पर कार्रवाई के आदेश

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 30 मार्च तक प्राप्त आपत्तियों के आधार पर ही अंतिम सूची तैयार की जाएगी ताकि अनुवर्ती कार्रवाई ससमय सुनिश्चित की जा सके । इस प्रक्रिया का उद्देश्य अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाना है। यह सूची डिजिटल माध्यम से सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है ।