बिहार विधान परिषद चुनाव: 5 सीटों पर एनडीए को बढ़त के आसार, अनंत सिंह के विरोध के बाद भी नीरज कुमार का पलड़ा भारी

बिहार विधान परिषद् के 8 सीटों के लिए मतदान की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। इस चुनाव में सबसे हॉट सीट पटना स्नातक पर मोकामा विधायक अनंत सिंह के विरोध के बाद भी वर्तमान एमएलसी नीरज कुमार का पलड़ा भारी नजर आ रहा है.....

नीरज कुमार का पलड़ा भारी- फोटो : फाइल फोटो

Bihar MLC Election : बिहार विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक कोटे की कुल 8 सीटों के लिए मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई है। निर्वाचन आयोग से मिले आंकड़ों के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की 4 सीटों पर औसतन 74.55% मतदान दर्ज किया गया, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की 4 सीटों पर औसतन 43.87% वोटिंग हुई। यदि पिछले चुनाव (वर्ष 2020) से तुलना करें, तो इस बार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 2% की बढ़ोतरी (2020 में 72.5%) और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में करीब 5% की गिरावट (2020 में 48.5%) देखने को मिली है।


चुनाव रुझान: बड़ा उलटफेर नहीं, 5 सीटों पर एनडीए आगे

मतदान समाप्त होने के बाद सामने आ रहे शुरुआती रुझानों के अनुसार, इस चुनाव में किसी बहुत बड़े उलटफेर के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक, एनडीए को राज्य की कुल 5 सीटों पर स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि शेष 3 सीटों पर विपक्षी पार्टियों या निर्दलीय उम्मीदवारों के आगे रहने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में इस परिणाम को वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के अनुकूल माना जा रहा है।


मोकामा विधायक अनंत सिंह के समर्थन से सबसे हॉट बनी पटना स्नातक सीट

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र इस चुनाव की सबसे हॉट सीट बन गई थी, जिसके पीछे मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की सक्रियता मुख्य वजह रही। विधायक अनंत सिंह ने जदयू के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जाकर जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का खुला समर्थन किया था। इस दौरान अनंत सिंह ने पूरे क्षेत्र में ताबड़तोड़ रोड शो किए और अपनी ताकत झोंक दी, जिससे यह मुकाबला काफी दिलचस्प और चर्चा का विषय बन गया था।


त्रिकोणीय मुकाबले में नीरज कुमार का दबदबा कायम

पटना स्नातक सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला, जहां जदयू के सिटिंग एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ राजद ने दिलीप पटेल को और जनसुराज ने अनुज सिंह को मैदान में उतारा था। हालांकि, अनंत सिंह के प्रचार से अनुज सिंह को लाइमलाइट जरूर मिली, लेकिन जमीन पर वह भीड़ को वोटों में तब्दील करने में सफल नहीं दिख रहे। भूमिहार वोटों में अपेक्षित बिखराव नहीं हुआ है और नालंदा के कुर्मी वोटरों पर केंद्रित दिलीप पटेल की रणनीति के बावजूद जदयू नेताओं की मजबूत घेराबंदी के कारण वोट बैंक इंटैक्ट देखने को मिली है।


नीरज कुमार की जीत की मजबूत संभावना

लगातार तीन टर्म से एमएलसी रहे नीरज कुमार का अपने क्षेत्र में मजबूत 'पॉकेट वोट' और जमीन पर पकड़ एक बार फिर उनके पक्ष में काम करती नजर आ रही है। अनंत सिंह के तमाम प्रयासों के बावजूद मतदाताओं ने अनुभव और पुराने समीकरणों पर भरोसा जताया है, जिससे नीरज कुमार एक बार फिर इस सीट पर बढ़त बनाते हुए मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि चुनाव में जीत किसकी होगी इसका पता तो 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद साफ हो पायेगा। लेकिन नीरज कुमार और अनंत सिंह दोनो के समर्थकों द्वारा अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए जीत का जश्न अभी से मनाया जा रहा है।