बिहार विधान परिषद में गरमाई कार्यवाही, पेंशन, अपराध और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही मंगलवार को विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने सरकार को घेरा। पेंशन, कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवालों पर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। कार्यवाही के आरंभ में भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी नवल किशोर खड़े हुए और सूचना के तहत डिग्री कॉलेज के कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि सभी पेंशनधारियों को होली से पहले पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
इसके बाद राष्ट्रीय जनता दल के एमएलसी सुनील सिंह ने सुपौल में हुए गैंगरेप के मामले को सदन में उठाया। उन्होंने सरकार से इस मामले में तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं अब्दुल बारी सिद्दीकी ने टीवी (क्षय रोग) मरीजों को पौष्टिक आहार नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में डेढ़ लाख से अधिक टीवी मरीज हैं, लेकिन केवल 4440 मरीजों को ही फूड बास्केट दिया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सदन में जवाब देते हुए बताया कि 2025 में 2,14,858 टीवी मरीज पंजीकृत हुए थे। उन्होंने कहा कि सभी टीवी मरीजों को उपचार अवधि के दौरान 6 माह तक फूड बास्केट दिया जाता है। साथ ही 2024 से सभी टीवी मरीजों को ₹1000 प्रति माह की सहायता राशि सीधे खाते में जमा की जा रही है।
इसी क्रम में एमएलसी अशोक कुमार ने नवादा जिले के रजौली में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध नहीं होने का मामला उठाया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सूचना मिलते ही वहां अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था कर दी गई है।
अभिजीत की रिपोर्ट