Bihar News: बिहार की धरती उगलेगी खनिजों का खजाना- गया में लोहा, रोहतास में पोटाश की खदानों की नीलामी जल्द, 14 ब्लॉकों से 5 हजार करोड़ राजस्व की उम्मीद

Bihar News: बिहार अब सिर्फ कृषि और उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि खनिज संपदा के लिहाज से भी नई पहचान बनाने की तैयारी में है।...

बिहार की धरती उगलेगी खनिजों का खजाना- फोटो : reporter

Bihar News: बिहार अब सिर्फ कृषि और उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि खनिज संपदा के लिहाज से भी नई पहचान बनाने की तैयारी में है। राज्य में चिह्नित 14 वृहद खनिज ब्लॉकों में से गया और रोहतास के खनिज क्षेत्रों में खनन की कवायद तेज हो गई है। गया में लौह अयस्क के रूप में मैग्नेटाइट और अन्य धात्विक खनिजों के भंडार मिले हैं, जबकि रोहतास में ग्लूकोनाइट से पोटाश का बड़ा स्रोत सामने आया है। सर्वेक्षण में वैनेडियम के महत्वपूर्ण भंडार मिलने की भी जानकारी है।

गया जिले के खिजरसराय प्रखंड में सपनेरी और रोश्याटी तथा बांकेबाजार प्रखंड की लुटुआ ग्राम पंचायत के आसपास खनिज ब्लॉक चिह्नित किए गए हैं। वहीं रोहतास जिले के रोहतास और नौहट्टा प्रखंडों के नवाडीह, शाहपुर, अकवन्पुर और टीपा क्षेत्र में ग्लूकोनाइट के भंडार मिले हैं।

खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह के अनुसार इन वृहद खनिज ब्लॉकों की नीलामी केंद्र सरकार के स्तर पर होगी। इसी सिलसिले में केंद्रीय खान एवं भूतत्व मंत्रालय की टीम 17 अगस्त को पटना पहुंचेगी। इस दौरान रोड शो आयोजित कर संभावित निवेशकों को बिहार में उपलब्ध खनिज संपदा और निवेश की संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी।

मैग्नेटाइट में लौह अंश करीब 60 से 72 प्रतिशत तक पाया जाता है। इसका प्रमुख उपयोग लौह अयस्क के तौर पर आयरन और स्टील निर्माण में होता है। दूसरी ओर रोहतास में मिला ग्लूकोनाइट पोटाश का महत्वपूर्ण स्रोत माना जा रहा है। इसका इस्तेमाल कृषि क्षेत्र में मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और उर्वरक निर्माण में किया जा सकता है।

14 ब्लॉक, 5 हजार करोड़ राजस्व का अनुमान

जीएसआई की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार के खान मंत्रालय ने बिहार के 14 वृहद खनिज ब्लॉकों को नीलामी के लिए उपलब्ध कराया है। इनमें रोहतास के दो और गया के एक ब्लॉक की नीलामी केंद्र सरकार के स्तर पर हो चुकी है, जबकि रोहतास के एक ब्लॉक की नीलामी राज्य सरकार करा चुकी है। शेष 10 ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

सरकार को इन खनिज ब्लॉकों से भविष्य में करीब 5,000 करोड़ रुपये राजस्व मिलने की उम्मीद है। यदि खनन परियोजनाएं धरातल पर उतरती हैं तो इससे निवेश, रोजगार, औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलने की संभावना है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार