वैशाली में नीतीश कुमार का बड़ा तोहफा: ₹550 करोड़ के 'बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय' का किया लोकार्पण, अस्थिकलश के किए दर्शन

सीएम नीतीश कुमार अपने ड्रीम प्रोजेक्ट बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय की नई कड़ियों का उद्घाटन करने वैशाली पहुँचे हैं। यह उनका बतौर मुख्यमंत्री अंतिम वैशाली दौरा माना जा रहा है।

बुद्ध की अस्थियों का दर्शन करते सीएम नीतीश कुुमार। - फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali - : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज वैशाली जिले को एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सौगात दी। सीएम नीतीश ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट 'बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप' का भव्य लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संग्रहालय परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। यह संग्रहालय बिहार की समृद्ध बौद्ध विरासत को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान देने के लिए तैयार है।

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी रहे मौजूद, अस्थिकलश का लिया आशीर्वाद

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने संग्रहालय में सुरक्षित रखे गए भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थिकलश (Relic Stupa) का दर्शन किया और आशीर्वाद लिया। दोनों नेताओं ने संग्रहालय के विभिन्न दीर्घाओं (Galleries) का भ्रमण किया और वहां प्रदर्शित भगवान बुद्ध के जीवन, दर्शन और वैशाली के ऐतिहासिक महत्व से जुड़ी कलाकृतियों और प्रतिमाओं का अवलोकन किया।

₹550 करोड़ की लागत और रैलिक स्तूपा का विशेष गेट

बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय नीतीश कुमार का एक अत्यंत महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसे 550 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम लागत से तैयार किया गया है। यह संग्रहालय आधुनिक तकनीक और प्राचीन वास्तुकला का एक अद्भुत संगम है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संग्रहालय को मुख्य 'रैलिक स्तूपा' (अस्थि स्तूप) से जोड़ने के लिए नवनिर्मित भव्य गेट का भी फीता काटकर उद्घाटन किया। यह गेट पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सुगम आवाजाही सुनिश्चित करेगा।

वैशाली महोत्सव के तुरंत बाद दौरा, ड्रीम प्रोजेक्ट पर विशेष ध्यान


गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को वैशाली महोत्सव के उद्घाटन समारोह में शामिल होना था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से वह उस समय नहीं आ सके थे। महोत्सव संपन्न होने के अगले ही दिन उनका यह दौरा उनके ड्रीम प्रोजेक्ट के प्रति उनकी विशेष रुचि और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हालांकि इस संग्रहालय का आंशिक उद्घाटन पिछले साल जुलाई में ही कर दिया गया था, लेकिन आज इसका पूर्ण लोकार्पण कर इसे जनता के लिए समर्पित किया गया।

संभावित अंतिम आधिकारिक दौरा और ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण

राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार का यह वैशाली का आखिरी आधिकारिक दौरा हो सकता है, क्योंकि कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं। ऐसे में, अपने कार्यकाल के अंतिम समय में उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा कर वैशाली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का एक बड़ा कार्य किया है। यह संग्रहालय आने वाले समय में विश्व भर के बौद्ध धर्मावलंबियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनेगा।