सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और नफरत फैलाने पर जेल... सम्राट सरकार ने पारित किया विधेयक, जान लीजिये पूरा नियम

सरकार के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है, नफरत फैलाता है, लोगों को भड़काता है या सामाजिक वैमनस्य पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।

Bihar Social Media Hate Speech Law- फोटो : news4nation

Bihar Social Media Hate Speech Law : बिहार में सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, नफरत फैलाने और लोगों को भड़काने वालों पर अब सरकार सख्त कार्रवाई कर सकेगी। बिहार विधानसभा ने बुधवार को बिहार अपराध नियंत्रण (संशोधन) विधेयक पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि बदलते समय और अपराध के नए तरीकों को देखते हुए कानून में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।


विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि आज अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अफवाह फैलाने, लोगों को भड़काने और सामाजिक तनाव पैदा करने के लिए भी किया जा रहा है। ऐसे मामलों से निपटने के लिए पुराने कानून में पर्याप्त प्रावधान नहीं थे, इसलिए संशोधन किया गया है।


 नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई

सरकार के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है, नफरत फैलाता है, लोगों को भड़काता है या सामाजिक वैमनस्य पैदा करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि कानून का उद्देश्य सामान्य नागरिकों को परेशान करना नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल समाज के लिए उपयोगी है, लेकिन इसके जरिए अपराध और सामाजिक अशांति फैलाने वालों पर कार्रवाई करना सरकार की जिम्मेदारी है।


CCA लगाने के नियम भी किए गए स्पष्ट

विपक्ष की ओर से कानून के दुरुपयोग को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सीसीए (Crime Control Act) किसी भी व्यक्ति पर मनमाने तरीके से लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि सीसीए के तहत कार्रवाई के लिए किसी व्यक्ति के खिलाफ कम से कम दो मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी हो या किसी एक मामले में उसे दोषी करार दिया गया हो। सरकार ने कहा कि इस प्रावधान का उद्देश्य निर्दोष लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि संगठित अपराध और समाज विरोधी गतिविधियों पर रोक लगाना है।


 सरकार का कहना है कि नए संशोधन के जरिए डिजिटल अपराध, नफरत फैलाने वाली गतिविधियों, संगठित अपराध और मानव तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई का कानूनी रास्ता मजबूत किया गया है। उपमुख्यमंत्री ने सदन में भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार किसी भी कानून का दुरुपयोग नहीं होने देगी।