Bihar salary delay: बिहार के 1 करोड़ लोगों की सैलरी और पेंशन अटकी,कर्मचारी परेशान, बुजुर्ग इंतजार में, वित्त विभाग ने कह दी बड़ी बात

Bihar salary delay: बिहार की सियासत इन दिनों एक नए खजाना तूफान के बीच खड़ी है, जहाँ वेतन और पेंशन को लेकर हुकूमत और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

सैलरी और पेंशन अटकी- फोटो : social Media

Bihar salary delay:  बिहार की सियासत इन दिनों एक नए खजाना तूफान के बीच खड़ी है, जहाँ वेतन और पेंशन को लेकर हुकूमत और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। आलम यह है कि करीब 10 प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों को मार्च महीने की तनख्वाह अभी तक नसीब नहीं हुई, जबकि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 1 करोड़ से ज्यादा बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग लाभार्थी अपनी हक की रकम का इंतजार कर रहे हैं।

वित्त विभाग के आंकड़े बताते हैं कि अब तक करीब 80 प्रतिशत कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर दिया गया है, लेकिन बाकी के भुगतान की प्रक्रिया अभी भी जारी है। सवाल उठता है कि आखिर देरी क्यों? सूत्रों की मानें तो विकास परियोजनाओं से जुड़े बड़े-बड़े भुगतानों की सख्त जांच के कारण फाइलें अटकी हुई हैं। यानी “हिसाब-किताब की सख्ती” ने आम कर्मचारियों की जेब पर असर डाल दिया है।

दूसरी तरफ, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत आने वाले 1.15 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को मार्च की पेंशन अब तक नहीं मिली है। यह वही तबका है, जो हर महीने मिलने वाली इस मदद पर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी चलाता है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि अगले 2-3 दिनों में डीबीटी के जरिए यह राशि सीधे खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

इस मसले ने सियासी पारा भी चढ़ा दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि खजाना खाली हो चुका है, इसलिए कर्मचारियों और पेंशनधारियों को भुगतान नहीं हो पा रहा। उन्होंने यहां तक दावा कर दिया कि मंत्रियों और विधायकों तक को समय पर वेतन नहीं मिला।

वहीं, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इन इल्ज़ामात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राज्य की माली हालत पूरी तरह दुरुस्त है और सभी जनप्रतिनिधियों को उनका वेतन मिल चुका है। अब असल सच्चाई क्या है यह आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा। लेकिन फिलहाल बिहार की सियासत में वेतन और पेंशन एक नया मुद्दा बनता दिख रहा है, जहाँ आंकड़ों से ज्यादा असर जनता की जेब और भरोसे पर पड़ रहा है।