पीएम सूर्य घर योजना: 10 मार्च तक निपटाएं लंबित आवेदन, ऊर्जा सचिव ने बैंक प्रतिनिधियों को दिए सख्त निर्देश

बिहार में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत सभी लंबित ऋण आवेदनों का निपटारा 10 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए

Patna - बिहार में 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। बुधवार को विद्युत भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान ऊर्जा सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कारपोरेशन के सीएमडी मनोज कुमार सिंह ने बैंक प्रतिनिधियों को दो-टूक निर्देश दिया कि योजना से जुड़े सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण हर हाल में 10 मार्च तक सुनिश्चित किया जाए। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और वेंडर भी शामिल हुए।

ऊर्जा सचिव ने ऋण (Loan) प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए बैंकों को निर्देश दिया कि वे आवेदकों से अनावश्यक दस्तावेजों की मांग न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी या कागजी बाधा को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और प्रक्रिया को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाने को कहा गया है, ताकि आम नागरिकों को इस योजना का लाभ बिना किसी मानसिक परेशानी के मिल सके।

बैठक में विशेष रूप से लोन की दूसरी किश्त में होने वाले विलंब पर चर्चा की गई। इसे दूर करने के लिए ऊर्जा सचिव ने आदेश दिया कि जिन लाभार्थियों ने अपने घरों पर रूफटॉप सोलर पैनल और नेट मीटर लगवा लिए हैं, उनका भौतिक सत्यापन (Physical Verification) एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थापना कार्य पूरा होने के बाद लाभार्थियों को मिलने वाली वित्तीय सहायता या ऋण की अगली राशि समय पर उनके खातों में पहुंच सके।

योजना की सफलता में वेंडरों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ऊर्जा सचिव ने बैंक प्रतिनिधियों और वेंडरों को आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया ताकि तकनीकी और वित्तीय प्रक्रियाओं के बीच कोई अंतराल न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस योजना को बिहार के अधिक से अधिक घरों तक पहुँचाना है, और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बरतने वाले जवाबदेह अधिकारियों या बैंक प्रतिनिधियों पर संज्ञान लिया जा सकता है।

इस समीक्षा बैठक का मुख्य संदेश प्रक्रिया को सुगम और तेज बनाना रहा। 10 मार्च की समयसीमा तय होने से अब बैंक कर्मियों को युद्धस्तर पर लंबित फाइलों का निपटारा करना होगा। ऊर्जा विभाग की इस सक्रियता से उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में बिहार में सौर ऊर्जा अपनाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में तेजी से इजाफा होगा और उन्हें बिजली बिल से राहत मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी