डिजिटल पुलिसिंग में बिहार का डंका: फेसबुक पर देश में दूसरे और कुल फॉलोअर्स में तीसरे नंबर पर बिहार पुलिस

बिहार पुलिस मुख्यालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार,विभाग के सोशल मीडिया फॉलोअर्स की संख्या 20 लाख (2 Million) पार कर गई है.फेसबुक पर देश में दूसरे और कुल फॉलोअर्स में तीसरे स्थान के साथ बिहार पुलिस डिजिटल संचार में नए आयाम गढ़ रही है.

फेसबुक पर देश में दूसरे और कुल फॉलोअर्स में तीसरे नंबर पर बिहार पुलिस - फोटो : Social Media

बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पिछले एक वर्ष (01.04.2025 से 31.03.2026) में पुलिस की डिजिटल पहुंच में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है. वर्तमान में सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुल फॉलोअर्स की संख्या 2 मिलियन (20 लाख) से अधिक हो गई है, जिसमें अकेले एक साल में 3,50,000 नए लोग जुड़े हैं. फेसबुक 12.62 लाख फॉलोअर्स और 411.9M की विशाल पहुंच (Reach) के साथ सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बना हुआ है, जबकि एक्स (Twitter) पर 5.53 लाख, इंस्टाग्राम पर 2.47 लाख और यूट्यूब पर 1.15 लाख सब्सक्राइबर्स हैं.


राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार रैंकिंग

तुलनात्मक विश्लेषण में बिहार पुलिस ने राज्य और देश स्तर पर अपनी मजबूत पहचान साबित की है. बिहार के सभी सरकारी विभागों में बिहार पुलिस कुल फॉलोअर्स के मामले में प्रथम स्थान पर है, जहाँ इसने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) और बिहार बोर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है. राष्ट्रीय स्तर पर, सभी राज्यों की पुलिस से तुलना करने पर बिहार पुलिस कुल फॉलोअर्स में तीसरे स्थान पर (यूपी और केरल के बाद) और फेसबुक फॉलोअर्स के मामले में देश में दूसरे स्थान पर काबिज है.


24x7 मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई

मुख्यालय में स्थापित सोशल मीडिया सेंटर दिन-रात (24x7) सक्रिय रहकर विधि-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है. केंद्र का मुख्य कार्य गंभीर घटनाओं पर तत्काल आधिकारिक सूचना साझा करना और भ्रामक खबरों पर रोक लगाना है. निगरानी के दौरान लगभग 850 आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट को कानूनी कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया है. इसके अलावा, केंद्र द्वारा हर्ष फायरिंग, अवैध हथियार प्रदर्शन और समाज में भ्रम फैलाने वाली सामग्री का निरंतर खंडन एवं सत्यापन किया जाता है.


जन-संवाद और पारदर्शी पुलिसिंग

बिहार पुलिस तकनीक के माध्यम से नागरिकों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर रही है. सोशल मीडिया पर प्राप्त सुझावों, शिकायतों और सीधे संदेशों (DMs) पर गंभीरता से संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है. यह डिजिटल सक्रियता दर्शाती है कि विभाग अब अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और जनहितकारी पुलिसिंग के प्रति प्रतिबद्ध है, जिससे आम जनता का पुलिस पर भरोसा और अधिक मजबूत हो रहा है.