Bihar Police: बिहार के इन पुलिसकर्मियों और थानेदारों को मिला अल्टीमेटम, 15 दिन में जाएगी नौकरी ! संभल जाएं

Bihar Police: बिहार पुलिस को सख्त चेतावनी डीजीपी विनय कुमार ने दे दी है। थानेदार औऱ पुलिसकर्मियों को अब ना सिर्फ जेल की हवा खानी पड़ सकती है बल्कि उनकी नौकरी भी छीन सकती है। ऐसे में संभल कर रहना जरुरी है।

15 दिन में जाएगी नौकरी - फोटो : social media

Bihar Police: बिहार में अपराध रोकने के लिए अब केवल अपराधियों पर ही नहीं बल्कि पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। जो भी पुलिसकर्मी वर्दी की आड़ में अपराध करेंगे उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी विनय कुमार ने तो ऐसे पुलिसकर्मियों को 15 दिन का अल्टीमेटम दे दिया है। ऐसे पुलिसकर्मियों का 15 दिनों में नौकरी चली जाएगी और जेल भी जाना पड़ेगा। ऐसे में जेल भेजने वालों को भी जेल की हवा खानी पड़ सकती है। डीजीपी ने सभी को चेतावनी देते हुए सख्त रुख अपनाने का आदेश दिया है। 

पुलिसकर्मी और थानेदार जाएंगे जेल 

दरअसल, डीजीपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे थानेदार हों या पुलिसकर्मी, यदि वे अपराध में संलिप्त पाए गए तो उन्हें जेल जाना होगा। ऐसे पुलिसकर्मियों को 15 दिनों के भीतर बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया गया है। बता दें कि इन दिनों कई ऐसे मामले सामने आई है जिसमें पुलिसकर्मी अपराधी पाए गए हैं। डीजीपी ने भी हाल के दिनों हुए दो ताजे मामले को उजागर किया जिनमें गयाजी के रेल थानेदार राजेश कुमार और वैशाली के लालगंज थानेदार ने अपराधी की तरह वारदात को अंजाम दिया। दोनों फिलहाल जेल में हैं। इसके अलावा मोतिहारी और छपरा में भी इसी तरह की घटनाओं में संलिप्त पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जाएगा।

भूमाफियाओं को भी सख्त चेतावनी 

साथ ही डीजीपी ने भूमाफियाओं को भी सख्त आदेश दिया। भूमाफियाओं पर कार्रवाई को लेकर डीजीपी ने कहा कि जमीन विवादों से जुड़ी आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए सभी अंचलों में प्रत्येक शनिवार को विशेष बैठक आयोजित करने का प्रावधान किया गया है। इसकी रिपोर्ट भू-समाधान पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। सभी जिलों को भूमाफियाओं की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और संपत्ति जब्ती का आदेश दिया गया है।

बिहार पुलिस की संख्या बढ़ी 

मद्य निषेध को लेकर डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2025 में 2024 की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है। 2024 में जहां 1 लाख 21 हजार 671 लोग गिरफ्तार किए गए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 1 लाख 25 हजार 456 हो गई। इनमें 76 हजार 731 शराब पीने वाले शामिल हैं। इस दौरान करीब 17 लाख देशी और 18.99 लाख विदेशी शराब की जब्ती की गई। पुलिस बल की स्थिति पर डीजीपी ने कहा कि 2025 तक बिहार पुलिस की कुल संख्या 1 लाख 26 हजार 611 हो गई है, जिनमें 35 हजार 974 महिलाएं हैं। कुल पुलिस बल में महिलाओं की हिस्सेदारी 28.41 प्रतिशत है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने बताया कि 21,391 सिपाहियों की बहाली प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 19,838 सिपाहियों की बहाली जारी है। चालक सिपाही के 4,361 पदों पर फिजिकल टेस्ट शेष है और 1,799 दारोगा की लिखित परीक्षा इसी महीने आयोजित की जाएगी।

50 हजार अपराधियों की गिरफ्तारी 

डीजीपी ने बताया कि 2025 में 50 हजार से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है। संगीन अपराधों में 3.61 लाख अभियुक्तों को जेल भेजा गया। इस दौरान 4,963 हथियार, 30,133 कारतूस बरामद किए गए और 74 मिनीगन फैक्ट्रियों का उद्भेदन किया गया। साथ ही 1.34 सौ नक्सलियों की भी गिरफ्तारी हुई है। वहीं महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर डीजीपी ने बताया कि एनसीआरबी 2023 के आंकड़ों के अनुसार बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध की दर 37.50 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 66.20 प्रतिशत से काफी कम है। राज्य के 855 थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं। स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए ‘अभया ब्रिगेड’ का गठन किया गया है, जो अब तक 28 जिलों में सक्रिय हो चुकी है