वर्दी में Instagram पोस्ट और जातीय संदेशों की भरमार, बिहार पुलिस की सख्त गाइडलाइन से बेअसर महिला जवान
‘cop_chandani_maurya1231’ नाम की एक Instagram ID चर्चा में है। पूरे अकाउंट पर जाति, समुदाय और क्षेत्र को लेकर कई तरह की पोस्ट और वीडियो मौजूद होने की बात सामने आई है।
Bihar News : बिहार पुलिस के जवानों और अधिकारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर मुख्यालय की सख्त हिदायतों के बावजूद वर्दी में फोटो और वीडियो पोस्ट करने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। इसी बीच ‘cop_chandani_maurya1231’ नाम की एक Instagram ID चर्चा में है। इस अकाउंट पर ‘Chandani Kushwaha’ नाम से कई ऐसे पोस्ट और वीडियो दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, जिनमें जाति और क्षेत्र को लेकर आपत्तिजनक या विवादित संदेश नजर आते हैं।
अकाउंट पर उपलब्ध पोस्ट में कुछ सामग्री में कुशवाहा जाति की श्रेष्ठता का संदेश देने का प्रयास दिखाई देता है, जबकि कुछ पोस्ट में दूसरी जातियों को निशाना बनाते हुए टिप्पणियां और संदेश पोस्ट किए गए हैं। पूरे अकाउंट पर जाति, समुदाय और क्षेत्र को लेकर कई तरह की पोस्ट और वीडियो मौजूद होने की बात सामने आई है। हालांकि, इस Instagram अकाउंट का संचालक वास्तव में बिहार पुलिस का कोई जवान है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए किसी पुलिसकर्मी से इस अकाउंट को सीधे जोड़ना आधिकारिक पुष्टि के बिना उचित नहीं होगा।
बिहार पुलिस की क्या गाइडलाइन है?
बिहार पुलिस में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर अनुशासन और गोपनीयता पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। पुलिसकर्मियों को सरकारी कामकाज, पुलिस कार्रवाई और वर्दी से जुड़ी सामग्री को निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते समय विशेष सावधानी बरतने के निर्देश हैं। बिहार पुलिस की वेबसाइट भी पुलिसकर्मियों से अनुशासन और जनता के विश्वास को बनाए रखने की अपेक्षा करती है।
पुलिस सोशल मीडिया संबंधी दिशानिर्देशों में विशेष रूप से यह व्यवस्था है कि पुलिसकर्मी सरकारी या निजी सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसी सामग्री साझा न करें जिससे पुलिस की छवि प्रभावित हो या कानून-व्यवस्था से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक हो। पुलिस कार्रवाई के दौरान फोटो-वीडियो बनाते समय Geo Tagging बंद रखने, गश्त या सरकारी कार्य के दौरान दिखाई देने वाले लोगों की तस्वीरों को जरूरत पड़ने पर ब्लर करने और सरकारी हथियारों, वाहनों तथा पुलिस से जुड़ी संवेदनशील सामग्री के इस्तेमाल को लेकर भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का उद्देश्य पुलिसकर्मियों की निजी सोशल मीडिया गतिविधियों को इस तरह नियंत्रित करना है कि उससे पुलिस की निष्पक्षता, गोपनीयता, सुरक्षा और विभाग की छवि पर प्रतिकूल असर न पड़े।
जातीय पोस्ट ने बढ़ाई चिंता
पुलिस बल का काम कानून को निष्पक्ष तरीके से लागू करना है। ऐसे में किसी पुलिसकर्मी के नाम या पहचान से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट पर यदि जाति विशेष की श्रेष्ठता अथवा दूसरी जातियों को निशाना बनाने वाली सामग्री सामने आती है, तो यह विभागीय आचरण और पुलिस की निष्पक्ष छवि को लेकर सवाल खड़े कर सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ‘cop_chandani_maurya1231’ अकाउंट वास्तव में किस व्यक्ति का है और उसमें दिखाई देने वाली सामग्री किस संदर्भ में पोस्ट की गई है।
बिहार पुलिस सोशल मीडिया पर निगरानी को लेकर पहले से सक्रिय है। जुलाई 2026 में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की संबंधित इकाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 निगरानी कर रही थी और बड़ी संख्या में मामलों में कानूनी कार्रवाई भी की गई थी।