Bihar banking ranking: बिहार में बैंकों की रैंकिंग तय करने के लिए लागू हुआ नया फार्मूला, 100 अंकों के रखा गया है मापन सूचकांक, ये बैंक हैं रेड जोन में
Bihar banking ranking: बिहार में बैंकों के प्रदर्शन का आकलन अब 100 अंकों के वैज्ञानिक मापन सूचकांक के आधार पर किया जाएगा।...
Bihar banking ranking: बिहार में बैंकों के प्रदर्शन का आकलन अब 100 अंकों के वैज्ञानिक मापन सूचकांक के आधार पर किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत बैंकों को उनके कामकाज और ऋण वितरण की प्रगति के अनुसार ग्रीन, येलो और रेड जोन में बांटा गया है। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने बैंकों को वार्षिक साख योजना के लक्ष्य मिशन मोड में पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि बिहार में जमा होने वाली राशि का निवेश राज्य के विकास में होना चाहिए।
शुक्रवार को पटना स्थित पुराने सचिवालय के मुख्य सभाकक्ष में विकास आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति की तीसरी समीक्षा बैठक हुई। इसमें राज्य की बैंकिंग व्यवस्था, वार्षिक साख योजना की प्रगति, साख-जमा अनुपात और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत ऋण वितरण की समीक्षा की गई। बैठक में बैंकों के प्रदर्शन को पारदर्शी तरीके से मापने के लिए पहली बार 100 अंकों की मूल्यांकन प्रणाली लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।
4.95 लाख करोड़ रुपये का साख लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार की वार्षिक साख योजना का लक्ष्य 4,95,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। 30 सितंबर 2026 तक इसमें से 1,89,343.52 करोड़ रुपये का ऋण वितरण हुआ, जो लक्ष्य का 38.25 प्रतिशत है। यह उपलब्धि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि से 46,228.29 करोड़ रुपये अधिक है।क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में 1,59,632 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 84,091.21 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया। यह 52.68 प्रतिशत उपलब्धि है। वहीं, कृषि क्षेत्र में 1,57,015 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 43,967.17 करोड़ रुपये का ऋण वितरित हुआ। प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में कुल 1,30,619 करोड़ रुपये का ऋण प्रवाह दर्ज किया गया।
साख-जमा अनुपात 60 प्रतिशत के करीब
राज्य का साख-जमा अनुपात 30 सितंबर 2026 तक 60.17 प्रतिशत रहा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत में बिहार ने 60.21 प्रतिशत का अनुपात हासिल किया था। फिलहाल राज्य में कुल जमा राशि 6,49,225 करोड़ रुपये और बकाया ऋण 3,90,655 करोड़ रुपये है। पिछले साल की तुलना में जमा में 33,797 करोड़ और ऋण में 20,092 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई।
IDFC फर्स्ट बैंक शीर्ष पर, SBI रेड जोन में
100 अंकों के सूचकांक में 50 या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले बैंक ग्रीन जोन में रखे गए हैं। IDFC फर्स्ट बैंक 74 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा। जम्मू एंड कश्मीर बैंक और आरबीएल बैंक को 68-68 अंक मिले, जबकि एचडीएफसी बैंक को 65 और बैंक ऑफ बड़ौदा को 64 अंक प्राप्त हुए।येलो जोन में आईसीआईसीआई बैंक और बैंक ऑफ इंडिया 47-47 अंकों के साथ शामिल हैं। पंजाब नेशनल बैंक को 45, जबकि एक्सिस बैंक, यस बैंक और यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक को 42-42 अंक मिले।40 से कम अंक पाने वाले बैंक रेड जोन में रखे गए। इस सूची में भारतीय स्टेट बैंक को 32, केनरा बैंक को 27 और आईडीबीआई बैंक, बंधन बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक तथा स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक को 26-26 अंक मिले। इंडियन ओवरसीज बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 37-37 अंक, जबकि यूको बैंक को 35 अंक प्राप्त हुए।
सरकारी योजनाओं में ऋण वितरण तेज करने का निर्देश
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा योजना की भी समीक्षा हुई। किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 7,37,906 खातों के माध्यम से 8,344.70 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया। पीएम स्वनिधि के अंतर्गत 2,17,731 आवेदन स्वीकृत किए गए और 2,09,959 लाख रुपये के ऋण वितरण की जानकारी दी गई। पीएम सूर्य घर योजना में 13,911 आवेदन स्वीकृत हुए। पीएम सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना के जरिए भी उद्यमियों तथा कारीगरों को वित्तीय सहायता दी गई।
विकास आयुक्त ने राज्य के औसत प्रदर्शन से पीछे रहने वाले बैंकों को ऋण वितरण में तेजी लाने और लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बड़े बैंकों का साख-जमा अनुपात 50 प्रतिशत से कम रहना चिंता का विषय है। बैंकों को बिहार में जुटाई गई जमा पूंजी का इस्तेमाल कृषि, एमएसएमई, स्टार्टअप और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए करना चाहिए। साथ ही, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम विश्वकर्मा और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों से जुड़ी योजनाओं में ऋण अस्वीकृति की दर घटाने पर भी जोर दिया गया।बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के मुख्य संयोजक, विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट