Bihar News : मछली उत्पादन में बिहार की 'नीली क्रांति', आत्मनिर्भरता के बाद अब निर्यात में गाड़े झंडे, चौथे पायदान पर पहुँचा राज्य

Bihar News : मछली उत्पादन के क्षेत्र ने बिहार ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है. अब मछलियों को दुसरे राज्यों में भी भेजा जा रहा है......पढ़िए आगे

मछली उत्पादन में बिहार - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार मछली उत्पादन में न सिर्फ आत्मनिर्भर हुआ है, बल्कि निर्यात की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राज्य से 39.07 हजार टन मछलियां बाहर भेजी गई हैं, जिसमें नेपाल, सिलीगुड़ी, लुधियाना, अमृतसर, बनारस, गोरखपुर, देवरिया, कप्तानगंज, रांची तथा गोड्डा आदि प्रमुख शहर शामिल हैं।

बिहार में उत्पादित मछलियों की मांग राज्य के बाहर लगातार बढ़ रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बिहार से होने वाला मछलियों का निर्यात और बढ़ेगा। बिहार सरकार का डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग मछलियों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तेजी से प्रयास कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में मत्स्यिकी एवं जलकृषि के विकास की असीम संभावनाएं हैं। मछली पालन के जरिए कम भूमि में अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार कृषि रोडमैप के जरिए मछली पालन को लगातार गति दे रही है।

वर्ष 2014-15 से 2024-25 तक मछली उत्पादन में करीब 100 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। वर्ष 2013-14 के आंकड़ों के मुताबिक, मछली उत्पादन में बिहार राष्ट्रीय रैंकिंग में नौवें स्थान पर था। वहीं उत्पादन में वृद्धि के बाद वर्ष 2023-24 में ही बिहार चौथे स्थान पर आ गया है। इस तरह बिहार ने हाल के वर्षों में तेजी से तरक्की करते हुए मछली उत्पादन के क्षेत्र में मजबूत और स्थिर प्रगति की है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 8.73 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ था। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 9.59 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इसका परिणाम है कि बिहार अब मछली निर्यात की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उपभोक्ताओं और मछली पालकों को ध्यान में रखते हुए विभाग जल्द ही पटना सहित कई नगर निगमों में फ्रेश कैच फिश आउटलेट खोलने जा रहा है, जहां जिंदा और ताजी मछलियां बिकेंगी। सरकार के इन प्रयासों से मछली पालक किसानों की आय बढ़ रही है और उनका जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।