Student Credit Card: बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर सरकार का यू-टर्न, 2 लाख की घटी लिमिट रद्द, अब फिर मिलेगा 4 लाख तक शिक्षा ऋण
Student Credit Card: राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाले शिक्षा ऋण को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
Student Credit Card: बिहार के विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाले शिक्षा ऋण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब विद्यार्थियों को बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से पूर्व की तरह 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिलता रहेगा। सरकार के इस फैसले से उच्च शिक्षा का सपना देख रहे गरीब और मध्यमवर्गीय छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन के हवाले से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के संबंध में राज्य सरकार ने पुनर्विचार किया। पूरे मामले पर सम्यक विचार करने के बाद पहले जारी किए गए आदेश को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि संकल्प संख्या-1202, दिनांक 19 अगस्त 2026 और उसकी कार्यान्वयन प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी साफ कर दिया गया है कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने की पुरानी व्यवस्था बहाल रहेगी।
यानी अब इंटरमीडिएट के बाद उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को पहले की तरह अधिकतम 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन मिल सकेगा। इससे इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, स्नातक समेत विभिन्न उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक सहारा मिलेगा।
2 लाख की कटौती के फैसले पर हुआ था बवाल
दरअसल, पिछले दिनों सम्राट सरकार की ओर से बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत मिलने वाले शिक्षा ऋण की सीमा में कटौती की गई थी। बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम से मिलने वाले अधिकतम शिक्षा ऋण को 4 लाख रुपये से घटाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया था।लोन की सीमा आधी किए जाने के बाद इंटर के बाद आगे की पढ़ाई करने की तैयारी कर रहे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने की आशंका जताई जा रही थी। खासकर ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए मुश्किल बढ़ गई थी, जिनके परिवार उच्च शिक्षा की पूरी फीस वहन करने की स्थिति में नहीं हैं।
अब सरकार द्वारा पहले के आदेश को निरस्त किए जाने के बाद विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। 4 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण की व्यवस्था जारी रहने से उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने या आर्थिक तंगी के कारण बेहतर संस्थानों में दाखिले से पीछे हटने की स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है।सरकार के इस फैसले को विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फिलहाल नई व्यवस्था के तहत 4 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण की सुविधा पूर्ववत जारी रहेगी।