Lalu Yadav:लालू-राबड़ी से छिनी Z+ सुरक्षा, तेज प्रताप की सिक्योरिटी भी घटी, सरकार के नए आदेश से मचा राजनीतिक भूचाल

Lalu Yadav: राज्य सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री रबड़ी देवी समेत लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के बाद नया आदेश जारी कर दिया है।

लालू-राबड़ी से छिनी Z+ सुरक्षा- फोटो : social Media

Lalu Yadav: बिहार की राजनीति में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री रबड़ी देवी समेत लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के बाद नया आदेश जारी कर दिया है। गृह विभाग के इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

सरकार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को मिलने वाली Z+ सुरक्षा व्यवस्था वापस ले ली गई है। हालांकि दोनों नेताओं को सुरक्षा के लिए पर्याप्त जवान, हाउस गार्ड, पायलट वाहन और बुलेटप्रूफ कार की सुविधा जारी रहेगी। इस फैसले को विपक्षी खेमे में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।

नई व्यवस्था के तहत राबड़ी देवी को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस  से 2+8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से तीन महिला अंगरक्षक सादे लिबास में तथा तीन वर्दीधारी अंगरक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा HQRT की ओर से पायलट, बुलेटप्रूफ वाहन और एस्कॉर्ट की सुविधा भी मिलेगी।

वहीं लालू प्रसाद यादव को BSAP के 2+8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल के दो अंगरक्षक तथा HQRT से पायलट और बुलेटप्रूफ कार उपलब्ध कराई गई है। दूसरी ओर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्षतेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्हें पहले की तरह Y+ श्रेणी की सुरक्षा एस्कॉर्ट वाहन के साथ मिलती रहेगी।

सबसे ज्यादा चर्चा तेजप्रताप यादव की सुरक्षा में हुई कटौती को लेकर हो रही है। नए आदेश के मुताबिक अब उन्हें केवल एक अंगरक्षक ही उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं राज्यसभा सांसद मीशा भारती को सुरक्षा मानकों के अनुसार तीन अंगरक्षक मिलेंगे। राजश्री यादव को पटना जिला बल की ओर से एक महिला अंगरक्षक की सुविधा दी जाएगी।

गृह विभाग के मुताबिक यह पूरा फैसला 4 जून को आयोजित राज्य सुरक्षा समिति की बैठक में हुई समीक्षा के बाद लिया गया। विशेष शाखा ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई सुरक्षा व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस फैसले के बाद बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज होने की संभावना जताई जा रही है।