Bihar Education News:बिहार के स्कूलों में शिक्षकों के पहनावे पर सख्ती, अब ऐसे कपड़ों में आना होगा विद्यालय, ACS सीके अनिल ने जारी किया सख्त आदेश

Bihar Education News: बिहार के सरकारी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन, शालीनता और गरिमामयी वातावरण बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। ...

शिक्षकों के पहनावे पर सख्ती- फोटो : X

Bihar Education News: बिहार के सरकारी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन, शालीनता और गरिमामयी वातावरण बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अब राज्य के सभी विद्यालयों में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी शिक्षण एवं कार्यालय अवधि के दौरान जींस और टी-शर्ट जैसे अनौपचारिक कपड़े पहनकर नहीं आ सकेंगे। उन्हें विद्यालय में औपचारिक और मर्यादित परिधान पहनकर ही उपस्थित होना होगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने नया निर्देश जारी किया है।

शुक्रवार को राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भेजे गए पत्र में आदेश का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार और सामाजिक मर्यादा विकसित करने का महत्वपूर्ण स्थान भी है। ऐसे में विद्यालय परिसर का वातावरण गरिमापूर्ण बनाए रखना सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।

पहले भी जारी हुए थे निर्देश, फिर भी नहीं हो रहा था पालन

अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों के पहनावे को लेकर पहले भी विभाग की ओर से निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई विद्यालयों में इन आदेशों का उचित तरीके से अनुपालन नहीं किया जा रहा है।विभाग को लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि कुछ शिक्षक और कर्मचारी जींस, टी-शर्ट जैसे अनौपचारिक परिधान पहनकर विद्यालय पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए विभाग ने एक बार फिर सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश का पालन सुनिश्चित कराएं।अब विद्यालयों में शिक्षण और कार्यालय अवधि के दौरान औपचारिक कपड़े पहनना अनिवार्य होगा। विभाग का मानना है कि शिक्षकों का पहनावा भी विद्यालय की गरिमा और अनुशासित वातावरण को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

स्कूलों में DJ और डिस्को जैसी गतिविधियों पर भी रोक

शिक्षा विभाग ने केवल शिक्षकों के पहनावे को लेकर ही सख्ती नहीं दिखाई है, बल्कि विद्यालय परिसर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।विभाग के संज्ञान में ऐसी शिकायतें और सूचनाएं आई थीं कि कुछ विद्यालयों में डीजे, डिस्को और अन्य अमर्यादित गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव ने इसे विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण के प्रतिकूल बताते हुए स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियां किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएंगी।विद्यालय परिसर में अनुशासन और मर्यादा के विपरीत कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। शिक्षा विभाग ने इस व्यवस्था को गंभीरता से लागू करने का निर्देश दिया है।

विशेष अवसरों पर ही होंगे नृत्य और संगीत के कार्यक्रम

हालांकि, शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में सांस्कृतिक गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया है। शिक्षा कैलेंडर में निर्धारित विशेष अवसरों पर नृत्य और संगीत के कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।लेकिन ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन अनुशासित, शालीन और गरिमापूर्ण तरीके से करना होगा। डीजे, डिस्को और अमर्यादित मनोरंजन जैसी गतिविधियों को इन आयोजनों का हिस्सा नहीं बनाया जा सकेगा।इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ विद्यालय की शैक्षणिक गरिमा और अनुशासन को बरकरार रखना है।

सभी DEO को आदेश का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी

अपर मुख्य सचिव सीके अनिल ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने स्तर से आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है। जिला शिक्षा पदाधिकारियों को विद्यालयों में शिक्षकों के पहनावे, कर्मचारियों के आचरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था पर नजर रखनी होगी।विभाग का स्पष्ट संदेश है कि विद्यालयों में अनुशासन, शालीनता और गरिमापूर्ण वातावरण बनाए रखने से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।कुल मिलाकर बिहार शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों के ड्रेस कोड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर सख्ती बढ़ेगी। अब शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों को औपचारिक परिधान में विद्यालय आना होगा, जबकि विशेष अवसरों पर ही मर्यादित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।