Bihar News: बिहार में घर-घर पहुंचेगी सर्वे टीम! कमाई, खर्च, जमीन और कर्ज का मांगेगी पूरा हिसाब, सरकार ने बताया किस बात का नहीं रहेगा डर

Bihar News: जून 2027 तक चलेगा NSS का 81वां सर्वेक्षण, ग्रामीण और शहरी परिवारों की आर्थिक स्थिति का जुटेगा ब्योरा; सरकार बोली—जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय, टैक्स जांच या कानूनी कार्रवाई में नहीं होगा इस्तेमाल...

बिहार में घर-घर पहुंचेगी सर्वे टीम! - फोटो : X

Bihar News:बिहार के ग्रामीण और शहरी इलाकों में रहने वाले परिवारों की आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए बड़ा राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण शुरू हो गया है। इसके तहत सर्वे टीम घर-घर पहुंचकर लोगों की आय, खर्च, संपत्ति और कर्ज से जुड़ी जानकारियां जुटाएगी। अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय, बिहार ने राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS) के 81वें सत्र का क्षेत्रीय सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। यह अभियान जून 2027 तक चलेगा। सर्वेक्षण का उद्देश्य देश और राज्य के परिवारों की आर्थिक स्थिति की वास्तविक तस्वीर सामने लाना तथा सरकारी योजनाओं के निर्माण और समीक्षा के लिए विश्वसनीय आंकड़े जुटाना है।

कमाई बताने में डरने की जरूरत नहीं, सरकार ने दी सफाई

सर्वेक्षण के दौरान परिवारों से उनकी आमदनी और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। ऐसे में लोगों के मन में यह आशंका पैदा हो सकती है कि आय और संपत्ति की जानकारी देने से कहीं टैक्स विभाग या अन्य जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना तो नहीं करना पड़ेगा।इस पर योजना एवं विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्वेक्षण के दौरान जुटाई गई व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। इन आंकड़ों का इस्तेमाल व्यक्तिगत कर आकलन या किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए नहीं किया जाएगा। इनका उपयोग व्यापक सांख्यिकीय विश्लेषण के लिए होगा, ताकि सरकार को लोगों की आर्थिक स्थिति और उनकी जरूरतों को समझने में मदद मिल सके।

कृषि से लेकर पशुपालन तक की आय का जुटेगा हिसाब

सर्वेक्षण के तहत कृषि परिवार स्थिति आकलन सर्वेक्षण (एसएसएस) के माध्यम से ग्रामीण और किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसमें खेती, बागवानी, पशुपालन और आय के दूसरे स्रोतों से होने वाली कमाई के साथ इन गतिविधियों पर होने वाले खर्च की जानकारी जुटाई जाएगी।इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि किसान परिवारों की आय के प्रमुख स्रोत क्या हैं, कृषि पर कितना खर्च हो रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति में किस तरह के बदलाव आ रहे हैं।

घर, जमीन, वाहन और कर्ज का भी जुटेगा ब्योरा

सर्वेक्षण का दूसरा प्रमुख हिस्सा अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण है। इसके तहत परिवारों की संपत्ति और देनदारियों की स्थिति का आकलन किया जाएगा।इसमें घर, जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियों से जुड़ी जानकारी के साथ बैंक, महाजन या अन्य स्रोतों से लिए गए कर्ज का ब्योरा भी जुटाया जाएगा। इससे परिवारों के निवेश, संपत्ति के स्वामित्व और ऋणग्रस्तता की स्थिति को समझने में मदद मिलेगी।

सरकारी योजनाओं की समीक्षा में मिलेगी मदद

सर्वेक्षण से मिलने वाले आंकड़े सरकार को यह समझने में मदद करेंगे कि ग्रामीण और शहरी परिवारों की आय-व्यय की स्थिति कैसी है, उन पर कर्ज का कितना बोझ है और उनकी संपत्ति का स्वरूप क्या है। इन जानकारियों के आधार पर विकास योजनाओं की समीक्षा, नीतियों के निर्माण और सरकारी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।फिलहाल, जून 2027 तक चलने वाले इस सर्वेक्षण में परिवारों की भागीदारी और सही जानकारी का विशेष महत्व है। विभाग ने लोगों से बिना किसी डर या झिझक के सही जानकारी देने की अपील की है, ताकि जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर आम जनता की आर्थिक स्थिति का वास्तविक आकलन किया जा सके।