Bihar News: आरक्षण पर अफसरों की मनमानी पर चला सरकार का डंडा, NCL सर्टिफिकेट के नियम बदले,नियम तोड़े तो नपा जाएंगे

Bihar News: बिहार के पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लाखों युवाओं के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। ...

आरक्षण पर अफसरों की मनमानी पर चला सरकार का डंडा,- फोटो : AI

Bihar News: बिहार के पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लाखों युवाओं के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नॉन-क्रीमीलेयर (NCL) सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया को लेकर सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। प्रमाण पत्र जारी करने में अंचल और जिला स्तर पर कथित मनमानी की शिकायतों के बाद अब सरकार ने नियमों को लेकर स्पष्ट हिदायत जारी की है। इसका सीधा फायदा उन युवाओं को मिलेगा, जो सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ लेने के लिए NCL प्रमाण पत्र पर निर्भर हैं।

दरअसल, कई मामलों में आवेदकों के माता-पिता की नौकरी से मिलने वाली तनख्वाह और खेती से होने वाली आमदनी को जबरन कुल आय में जोड़ दिया जाता था। इसके चलते ऐसे अभ्यर्थी भी क्रीमीलेयर की जद में आ रहे थे, जो वास्तव में आरक्षण के पात्र थे। इससे युवाओं को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे और उनकी मुश्किलें बढ़ जाती थीं।

अब सरकार ने इस तरह की मनमानी पर रोक लगाने के लिए स्थिति साफ कर दी है। नॉन-क्रीमीलेयर का आकलन करते वक्त माता-पिता के वेतन और कृषि आय को कुल आय में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी सिर्फ वेतन या खेती से होने वाली आमदनी के आधार पर किसी पात्र आवेदक को NCL प्रमाण पत्र से महरूम नहीं किया जा सकेगा।

सरकार के निर्देश से उन युवाओं की भी परेशानी कम होगी, जिनके पास पहले से नॉन-क्रीमीलेयर प्रमाण पत्र मौजूद है। ऐसे आवेदकों को हर बार नया प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ब्लॉक या अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। पुराने प्रमाण पत्र के साथ साधारण स्व-शपथ पत्र देना पर्याप्त होगा।

सरकार ने अधिकारियों को भी सख्त चेतावनी दी है। अगर कोई अधिकारी नियमों की अनदेखी करते हुए माता-पिता के वेतन या कृषि आय को जोड़कर आवेदक का आवेदन खारिज करता है या प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।इस फैसले को पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए अहम राहत माना जा रहा है। खासकर सरकारी भर्ती और कॉलेजों में दाखिले के दौरान NCL प्रमाण पत्र को लेकर होने वाली भागदौड़ और कथित मनमानी पर इससे लगाम लगने की उम्मीद है। अब पात्र युवाओं को नियमों की आड़ में बेवजह परेशान किए जाने की गुंजाइश कम होगी और आरक्षण के हक से महरूम किए जाने की शिकायतों पर सरकार का शिकंजा और कस सकता है।