Bihar Road Construction: बिहार में बिछ रहा है सड़कों-पुलों का जाल, खर्च होंगे 21 हजार करोड़,इन जिला के लोगों की खुलेगी किस्मत
Bihar Road Construction: बिहार में सड़क और पुल निर्माण की रफ्तार तेज करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा वित्तीय प्लान तैयार किया है।...
Bihar Road Construction: बिहार में सड़क और पुल निर्माण की रफ्तार तेज करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा वित्तीय प्लान तैयार किया है। पथ निर्माण विभाग करीब 21 हजार करोड़ रुपये का लोन नाबार्ड से लेगा। इस रकम से राज्य में करीब 100 सड़क और पुल परियोजनाओं को गति देने की तैयारी है। विभाग की ओर से परियोजनाओं की सूची नाबार्ड को भेज दी गई है और अब अलग-अलग प्रोजेक्ट के हिसाब से लोन की मंजूरी मिलने का इंतजार है। स्वीकृति के बाद राशि चरणवार जारी होने की उम्मीद है।
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बड़े पैकेज में करीब 65 सड़क परियोजनाएं और 35 से अधिक पुल निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें कुछ योजनाएं पहले से निर्माणाधीन हैं, जबकि कई नई परियोजनाओं को भी इस वित्तीय सहायता से जमीन पर उतारा जाएगा। सड़क परियोजनाओं के लिए बिहार राज्य पथ विकास निगम (BSRDC) और पुल परियोजनाओं के लिए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को लोन की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
कई बड़ी सड़क परियोजनाएं सूची में शामिल
लोन के लिए भेजी गई सूची में बरियारपुर-सुल्तानगंज 42 किलोमीटर सड़क भी शामिल है। इसके अलावा सुल्तानगंज-भागलपुर-सबौर गंगा पथ की 40.80 किलोमीटर परियोजना, दीघा से कोईलवर गंगा पथ और दरभंगा मेडिकल कॉलेज से एम्स तक हाइवे रोड जैसी योजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
इसी कड़ी में कोचस में आरा-मोहनिया बाइपास, दानापुर कैंट से मनेर होते हुए बिहटा तक फोरलेनिंग, छपरा-बेतिया बाइपास और गोपालगंज बाइपास को भी सूची में जगह दी गई है। सीवान जिले में आंदर ढाला से हुसैनगंज तक सड़क चौड़ीकरण की योजना भी इस पैकेज का हिस्सा है।
सड़क के लिए ₹15 हजार करोड़, पुलों पर ₹6 हजार करोड़
कुल 21 हजार करोड़ रुपये में से करीब 15 हजार करोड़ रुपये सड़क परियोजनाओं और 6 हजार करोड़ रुपये पुल निर्माण के लिए लिए जाएंगे। परियोजनाओं में अलग-अलग शहरों में बाइपास, प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण के साथ-साथ गंगा पथ जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं भी शामिल हैं।
नाबार्ड हर परियोजना का विस्तृत ब्योरा और उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं की समीक्षा के बाद अलग-अलग लोन स्वीकृत करेगा। इसके लिए नाबार्ड और दोनों निगमों के अधिकारियों के बीच लगातार बातचीत चल रही है। विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृत राशि चरणबद्ध तरीके से मिलनी शुरू हो जाएगी।
दो महीने पहले भेजी गई थी परियोजनाओं की सूची
बताया गया है कि सड़क और पुल परियोजनाओं की सूची करीब दो महीने पहले नाबार्ड को भेजी गई थी। इसमें मुख्य रूप से तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित सड़क और पुल योजनाओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली अन्य परियोजनाओं को भी लोन पैकेज में रखा गया है।सरकार की इस पहल का मकसद लंबित और नई परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराकर निर्माण कार्य को रफ्तार देना है। यदि प्रस्तावित राशि समय पर स्वीकृत होकर जारी होती है, तो राज्य के कई जिलों में सड़क संपर्क, बाइपास और पुलों के निर्माण से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
ब्यूरो रिपोर्ट