Bihar Officer Transfers:जनगणना से पहले तबादलों पर बवाल, बिहार सरकार की ट्रांसफर मुहिम पर केंद्र नाराज ,केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भेजा सख्त खत
Bihar Officer Transfers: बिहार में बड़े पैमाने पर हुए प्रशासनिक तबादलों ने अब सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। ...
Bihar Officer Transfers: बिहार में बड़े पैमाने पर हुए प्रशासनिक तबादलों ने अब सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा हाल में जिलों से लेकर प्रखंड स्तर तक किए गए अधिकारियों के ट्रांसफर पर अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कड़ा ऐतराज़ जताया है। मंत्रालय ने बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को पत्र भेजकर साफ कहा है कि जनगणना जैसे अहम राष्ट्रीय अभियान के बीच नोडल अधिकारियों का तबादला पूरी प्रक्रिया को मुश्किल में डाल सकता है।
दरअसल, पिछले महीने राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के साथ-साथ जिलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी समेत बड़ी संख्या में अधिकारियों का तबादला किया था। यही अधिकारी वर्ष 2027 की जनगणना के लिए जिला और प्रखंड स्तर पर नोडल जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में केंद्र ने इसे जनगणना की तैयारियों के लिए गंभीर चुनौती माना है।
जनगणना कार्य की निदेशक सह मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी रंजिता ने अपने पत्र में याद दिलाया है कि 11 मार्च 2026 को ही जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया गया था। इसके बाद 7 अप्रैल 2026 को बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भी सभी विभागों को पत्र भेजकर 31 मार्च 2027 तक ऐसे अधिकारियों का तबादला नहीं करने को कहा था। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर ट्रांसफर किए गए।
केंद्र ने यह भी रेखांकित किया है कि शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में नामित कर उनकी ट्रेनिंग तक पूरी हो चुकी है। ऐसे समय में जिम्मेदार अधिकारियों के तबादले से पूरे जनगणना तंत्र की कड़ी कमजोर पड़ सकती है।
बिहार में जनगणना का पहला चरण 17 अप्रैल 2026 से शुरू होकर मकानों की गणना तक पूरा हो चुका है। अब सबसे अहम दूसरा चरण फरवरी 2027 में होना है, जिसमें हर परिवार की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय जानकारी दर्ज की जाएगी। ऐसे में केंद्र के इस पत्र ने बिहार सरकार की तबादला नीति पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सबकी नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी है।