सड़क पर नियम तोड़ना पड़ेगा भारी! परिवहन विभाग ने ओला-उबर और ट्रक चालकों को सिखाए सेफ्टी रूल्स, अब सड़कों पर घटेगी दुर्घटनाएं

सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का बड़ा अभियान चलाया गया। पिछले चार दिनों में 700 से अधिक वाहन चालकों को श्रेणीवार तरीके से सुरक्षित वाहन चलाने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

Patna - बिहार सड़क सुरक्षा परिषद और परिवहन विभाग की पहल पर राजधानी में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का बड़ा अभियान चलाया गया। पिछले चार दिनों में 700 से अधिक वाहन चालकों को श्रेणीवार तरीके से सुरक्षित वाहन चलाने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। विश्वेश्वरैया भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में सरकारी विभागों के ड्राइवरों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग, ट्रक और ओला-उबर के चालकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। 

ओवरस्पीडिंग और मोबाइल के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस'

परिवहन सचिव राज कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग है। विशेषज्ञों ने चालकों को सिखाया कि कैसे लेन अनुशासन, इंडिकेटर का सही प्रयोग और साइड मिरर का इस्तेमाल जान बचा सकता है। चालकों को सख्त हिदायत दी गई कि थकान की स्थिति में गाड़ी न चलाएं। 

जेब्रा क्रॉसिंग और पैदल यात्रियों का सम्मान

प्रशिक्षण में केवल चालकों की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। चालकों को स्कूल क्षेत्र, व्यस्त चौराहों और जेब्रा क्रॉसिंग के पास वाहन की गति धीमी रखने और अधिक सतर्क रहने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। 

'गुड सेमेरिटन' बनें और बचाएं लोगों की जान

कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण गुड सेमेरिटन (नेक मददगार) कानून की जानकारी देना था। चालकों को प्रोत्साहित किया गया कि दुर्घटना की स्थिति में वे घायलों की मदद करें। उन्हें बताया गया कि मदद करने वाले व्यक्ति को अब किसी भी तरह की कानूनी परेशानी या पुलिसिया पूछताछ का डर नहीं रहेगा, बल्कि सरकार उन्हें पुरस्कृत भी करती है।

REPORT - BANDANA SHARMA