BPSC 70वीं परीक्षा का रिजल्ट में बेटियों का दबदबा, श्रद्धा पांडेय बनीं टॉपर,सारण के शशांक गौरव दूसरे और पटना के आयुष विजय तीसरे स्थान पर रहे

BPSC 70th Result: करीब 18 महीने के लंबे इंतजार के बाद आए बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का बहुप्रतीक्षित फाइनल रिजल्ट ने हजारों अभ्यर्थियों के सपनों को नई उड़ान दी है।

बेटियों का दबदबा, मेहनत की जीत- फोटो : social Media

BPSC 70th Result: बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का बहुप्रतीक्षित फाइनल रिजल्ट आखिरकार जारी हो गया। करीब 18 महीने के लंबे इंतजार के बाद आए इस नतीजे ने हजारों अभ्यर्थियों के सपनों को नई उड़ान दी है। कुल 2035 पदों के मुकाबले 2027 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जबकि आठ पद इसलिए खाली रह गए क्योंकि संबंधित श्रेणी में योग्य दिव्यांग अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हो सके।

इस बार परीक्षा में बेटियों ने अपनी काबिलियत का परचम बुलंद किया है। 593 अंकों के साथ श्रद्धा पांडेय ने पहला स्थान हासिल कर पूरे बिहार का गौरव बढ़ाया। वहीं 592-592 अंक हासिल करने वाले शशांक गौरव और आयुष विजय क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। दोनों के समान अंक होने के बावजूद निबंध में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग तय की गई। टॉप-100 में 45 महिलाओं की मौजूदगी और कुल चयनित अभ्यर्थियों में लगभग 745 महिलाओं का चयन इस बात का सबूत है कि प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।

रिजल्ट जारी होने के बाद बीपीएससी अध्यक्ष ने उन तमाम विवादों और आरोपों पर भी जवाब दिया जो परीक्षा प्रक्रिया के दौरान उठे थे। उन्होंने कहा कि कुछ कोचिंग संचालकों द्वारा लगाए गए आरोप और आंदोलन पूरी तरह बेबुनियाद साबित हुए तथा जांच में सभी दावे अफवाह निकले। दूसरी ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सफल अभ्यर्थियों को मुबारकबाद देते हुए विश्वास जताया कि नई पीढ़ी के ये अधिकारी बिहार के विकास को नई बुलंदियों तक पहुंचाएंगे।

दूसरे स्थान पर रहे सारण निवासी शशांक गौरव ने अपनी सफलता का राज लगातार रिवीजन, टेस्ट सीरीज और 7-8 घंटे की एकाग्र पढ़ाई को बताया। वहीं तीसरे स्थान पर रहे पटना के आयुष विजय ने कहा कि सेल्फ स्टडी, पुराने प्रश्न पत्रों का अभ्यास और परिवार के मार्गदर्शन ने उनकी कामयाबी की राह आसान की। दोनों ही अभ्यर्थियों ने समाज सेवा और प्रशासनिक सुधार को अपना प्रमुख लक्ष्य बताया है। यह रिजल्ट केवल सफलता की सूची नहीं, बल्कि संघर्ष, सब्र और मेहनत की जीत की एक प्रेरक दास्तान भी है।