Bihar Politics: बंगले पर बढ़ी सियासी तकरार, राबड़ी को फिर नोटिस,सरकार बोली- अब खाली करना ही होगा आवास

Bihar Politics: पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को एक बार फिर भवन निर्माण विभाग ने बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया है।...

बंगले पर बढ़ी सियासी तकरार- फोटो : social Media

Bihar Politics: बिहार की सियासत में इन दिनों 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को एक बार फिर भवन निर्माण विभाग ने बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया है। सरकार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच यह मुद्दा अब महज आवास का नहीं, बल्कि सियासी रस्साकशी और सियासी संदेश का विषय बन गया है।

भवन निर्माण विभाग की ओर से 22 जून को जारी नोटिस में राबड़ी देवी से एक सप्ताह के भीतर 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का अनुरोध किया गया है। विभाग का कहना है कि यह बंगला पहले ही डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है, लेकिन आवास खाली नहीं होने के कारण उन्हें इसका कब्जा नहीं मिल पा रहा है।

सरकार का दावा है कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राबड़ी देवी को पहले ही 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है। ऐसे में नियमों के तहत पुराने आवास को खाली करना आवश्यक है। वहीं राजद का आरोप रहा है कि सरकार राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर यह कार्रवाई कर रही है।

दिलचस्प बात यह है कि राबड़ी देवी पहले ही विभाग को पत्र लिखकर 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास में जाने की सहमति दे चुकी हैं। हालांकि उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए विशेष सुविधाओं की मांग की है। उन्होंने नए आवास में रैंप, लिफ्ट और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, जिस पर विभाग कार्रवाई करने की बात कह रहा है।

इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग तब और गहरा लिया जब राबड़ी देवी ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि वह बंगला खाली नहीं करेंगी। दूसरी ओर जदयू और एनडीए नेताओं का कहना है कि सरकारी आवास किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं होता और नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं।अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद सरकार अगला कदम क्या उठाती है और यह सियासी तकरार आगे किस मोड़ पर पहुंचती है।