बांकीपुर उपचुनाव नतीजों के बीच BJP कार्यालय में हलचल तेज: पीके की बढ़त पर बोले मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी- 'जनमत का सम्मान'

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों और मतगणना के रुझानों से तकरीबन यह साफ हो गया है कि भाजपा के इस किले पर प्रशांत किशोर का कब्जा हो चला है। बीजेपी ने भी अपनी हार मान ली है और उसने कहा है कि जनता के निर्णय का वह सम्मान करती है.....

बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी ने हार को किया स्वीकार- फोटो : वंदना

Patna : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों और मतगणना के रुझानों के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बिहार प्रदेश कार्यालय में राजनीतिक हलचल काफी बढ़ गई है। चुनाव परिणामों की समीक्षा करने और आगे की रणनीतियों पर विचार-विमर्श के लिए पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पार्टी कार्यालय पहुंचने लगे हैं। इस दौरान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, मंत्री विजय कुमार सिन्हा और मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी सहित कई प्रमुख नेता कार्यालय पहुंचे, जहां चुनावी नतीजों और आगे के राजनीतिक कदम को लेकर मंथन की संभावना है।


प्रशांत किशोर की बढ़त और लोकतंत्र में जनमत का सम्मान

बांकीपुर उपचुनाव के रुझानों में जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर (पीके) की बढ़त को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बीजेपी जनता के जनादेश और जनमत का पूरी तरह से सम्मान करती है। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में हार और जीत एक स्वाभाविक और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। चुनाव में हर परिस्थिति को स्वीकार करना लोकतांत्रिक मूल्यों का हिस्सा है।


चुनावी नतीजों की समीक्षा पर जोर

मंत्री चंद्रवंशी ने आगे कहा कि पार्टी जिस भी चुनाव में उतरती है, यह कतई आवश्यक नहीं है कि उसे सभी सीटों पर जीत हासिल ही हो। उन्होंने बताया कि बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम पूरी तरह सामने आने के बाद पार्टी नेतृत्व इन चुनावी आंकड़ों और रुझानों की गंभीरता से समीक्षा करेगा। इस समीक्षा बैठक के दौरान चुनाव के दौरान रही कमियों और आगे के सुधारात्मक कदमों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।


'आम कार्यकर्ता' को उम्मीदवार बनाने का फैसला

उपचुनाव में उम्मीदवार के कमजोर होने से जुड़े सवालों पर मंत्री ने पार्टी के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने किसी बड़े या प्रभावशाली चेहरे के बजाय एक समर्पित और आम कार्यकर्ता को चुनावी मैदान में उतारा था। पार्टी का यह कदम साबित करता है कि बीजेपी अपने धरातल पर काम करने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं को हमेशा प्राथमिकता और अवसर देने में विश्वास रखती है।


'कुत्ता-बिल्ली' टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया

वहीं चुनाव प्रचार के दौरान हुई तीखी बयानबाजी और 'कुत्ता-बिल्ली' वाली टिप्पणी से जुड़े सवाल पर मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी काफी आक्रामक दिखे। उन्होंने कहा कि प्रचार अभियान के दौरान विपक्ष द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग करके पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं का अपमान किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ताओं के आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और पार्टी ऐसी टिप्पणियों का राजनीतिक रूप से करारा जवाब देगी।

वंदना की रिपोर्ट