Patna High Court: चीफ जस्टिस सूर्यकांत के हाथों पटना हाईकोर्ट में कई अहम भवनों का हुआ शिलान्यास, न्यायपालिका को मिली आधुनिक ताकत, देखिए तस्वीरें

Patna High Court:भारत के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने पटना हाईकोर्ट परिसर में कई अहम भवनों के निर्माण का शिलान्यास किया।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत के हाथों पटना हाईकोर्ट में कई अहम भवनों का हुआ शिलान्यास- फोटो : reporter

Patna High Court: पटना की सियासी और न्यायिक फिज़ा उस वक्त खास बन गई, जब भारत के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने पटना हाईकोर्ट परिसर में कई अहम भवनों के निर्माण का शिलान्यास किया। यह मौका महज़ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार में न्याय व्यवस्था को नई धार देने वाला एक ऐतिहासिक क़दम माना जा रहा है। सत्ता और संविधान के इस संगम ने यह साफ कर दिया कि इंसाफ़ की बुनियाद अब आधुनिक संसाधनों और मज़बूत ढांचे पर टिकी होगी।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने पटना हाईकोर्ट परिसर में एडीआर भवन, मल्टी लेवल कार पार्किंग, अस्पताल भवन, सभागार, महाधिवक्ता कार्यालय के एनेक्स भवन, आवासीय भवन और आईटी भवन के निर्माण का शिलान्यास किया। ये सभी परियोजनाएं न्यायिक प्रक्रिया को तेज़, सुगम और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर मानी जा रही हैं। एडीआर भवन से जहां वैकल्पिक विवाद समाधान को बढ़ावा मिलेगा, वहीं आईटी भवन न्यायपालिका को डिजिटल दौर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की ताक़त देगा।

इस गरिमामयी कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायाधीश न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्ला और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की मौजूदगी ने आयोजन की अहमियत को और बढ़ा दिया। पटना हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधीर सिंह समेत कई अन्य न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता और प्रशासनिक अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे। इसके अलावा पटना हाईकोर्ट के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े, जो न्यायिक निरंतरता और संस्थागत मजबूती का प्रतीक बना।

राजनीतिक गलियारों में इसे न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। सरकार और न्यायपालिका दोनों के साझा प्रयास से पटना हाईकोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की यह पहल न्याय पाने वाले आम आदमी के लिए राहत का सबब बनेगी। अस्पताल भवन से जहां त्वरित चिकित्सा सुविधा मिलेगी, वहीं मल्टी लेवल पार्किंग और सभागार जैसी सुविधाएं वकीलों, न्यायाधीशों और आगंतुकों की रोज़मर्रा की परेशानियों को कम करेंगी।

कुल मिलाकर, यह शिलान्यास समारोह बिहार में उस सोच का एलान है, जहां इंसाफ़ सिर्फ़ फ़ैसलों तक सीमित नहीं, बल्कि उसकी राह को भी आसान, आधुनिक और सम्मानजनक बनाने का सियासी व संवैधानिक इरादा साफ़ नज़र आता है।