CJP Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, AAP और लेफ्ट का समर्थन; कांग्रेस ने बनाई दूरी

CJP Protest: CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन बुलाया है। AAP और लेफ्ट ने समर्थन दिया, जबकि कांग्रेस ने दूरी बनाई।

CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार, 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस आंदोलन में कई विपक्षी दलों ने समर्थन दिया है, जबकि कांग्रेस ने इससे दूरी बनाए रखी है। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर उठाए जा रहे सवाल हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते रहे हैं।


किन विपक्षी दलों ने दिया समर्थन?


CJP के प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी (AAP) और वामपंथी दलों ने समर्थन दिया है। CPM, CPI, CPI(ML)L और RSP समेत कई वामपंथी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही है। इन दलों का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार लोकतंत्र का अहम हिस्सा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। हालांकि, ममता बनर्जी के प्रदर्शन में खुद शामिल होने को लेकर शुक्रवार रात तक स्थिति साफ नहीं थी। उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी CJP के संपर्क में है और आंदोलन को समर्थन देती है, लेकिन इसमें शामिल होने का अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा।


कांग्रेस ने बनाई दूरी, चेन्नई में रहेंगे राहुल गांधी


कांग्रेस ने इस प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान नहीं किया है। राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले हैं। इस तरह कांग्रेस ने फिलहाल CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी है। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी देश के युवाओं के साथ है और जनता को अपनी बात रखने से रोका नहीं जाना चाहिए।


अरविंद केजरीवाल परिवार के साथ होंगे शामिल


AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने प्रदर्शन में अपने परिवार के साथ शामिल होने की घोषणा की है। उन्होंने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल का मामला नहीं, बल्कि देश और लोकतंत्र से जुड़ा मुद्दा है।


प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई


दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, आयोजकों ने कार्यक्रम की सूचना तय समय से काफी कम समय पहले दी थी। कानून-व्यवस्था और यातायात से जुड़ी चिंताओं का भी हवाला दिया गया है। इसके बाद राजधानी में सुरक्षा बढ़ाई गई और कई इलाकों में आवाजाही पर पाबंदियां लगाई गईं। प्रदर्शन से पहले दूसरे राज्यों से दिल्ली आ रहे कुछ छात्रों को भी पुलिस ने ट्रेनों से उतारकर हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि उन्हें वापस अपने राज्यों में लौटने के लिए समझाया गया।


सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंचा प्रदर्शन से जुड़ा मामला


CPM के महासचिव एमए बेबी ने प्रदर्शन से पहले लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। वहीं, TMC के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले ने दिल्ली हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर रेलवे सेवाओं और मेट्रो स्टेशनों पर लगाई गई पाबंदियों के मामले में हस्तक्षेप की मांग की।


क्यों हो रहा है CJP का प्रदर्शन?


CJP और उसके समर्थक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं और इससे लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।