94 लाख से अधिक लोगों के बैंक खाते में सीएम सम्राट चौधरी ने भेजा 1100 करोड़, अब हर महीने आएंगे इतने रुपए
सम्राट चौधरी ने कहा, 94 लाख से अधिक लाभुकों को 1100 रुपये प्रति माह की दर से आज हम लगभग 1100 करोड़ रुपये की राशि उनके खाते में भेज रहे है।
Samrat Chaudhary : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नई दिल्ली स्थित बिहार भवन से समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित डी०बी०टी० (Direct Benefit Transfer) कार्यक्रम के तहत राज्य के 94 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खाते में 1100 रूपये प्रति माह की दर से लगभग 1100 करोड़ रूपये की राशि हस्तांतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद तबकों को सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराना हमारी सरकार का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि हमने पिछली सरकार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को 400 रूपये से बढ़ाकर सीधे 1100 रुपये प्रति माह किया था। हम 60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों, सभी विधवाओं एवं निःशक्तजनों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशनों का लाभ देते है। सभी लाभुकों को यह राशि हर माह निश्चित समय पर प्राप्त हो इसके लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने के सुअवसर पर इन योजनाओं के 94 लाख से अधिक लाभुकों को 1100 रुपये प्रति माह की दर से आज हम लगभग 1100 करोड़ रुपये की राशि उनके खाते में भेज रहे है।
उन्होंने कहा कि आगे हर महीने की 10 तारीख को हमारी सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभुकों के खाते में यह राशि अंतरित करती रहेगी। इसके आलावे विभिन्न प्रकार के लोक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सरकार सभी जरूरतमंद लोगों की सेवा करते रहने के लिए कृतसंकल्पित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग जिन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, वे लाभ प्राप्त करने के लिए शीघ्र आवेदन करें। साथ ही आधार कार्ड लिंक नहीं होने के कारण पेंशन से वंचित लोग भी जल्द अपना आधार लिंक कराकर सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करें।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, स्थानिक आयुक्त मनोज कुमार उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समाज कल्याण मंत्री डॉ० श्वेता गुप्ता, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास, सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं लाभार्थीगण जुड़े हुये थे।