कल बंगाल दौरे पर जाएंगे सीएम सम्राट चौधरी, नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में होंगे शामिल
Bihar News : कल 9 मई को पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा। इस समारोह में बिहार के सीएम सम्राट चौधरी भी शामिल होंगे....
Patna : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कल पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे। वे वहां आयोजित होने वाले नई सरकार के भव्य शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा पड़ोसी राज्य के साथ बेहतर समन्वय और राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। पटना से कोलकाता के लिए रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा उनके आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि कर दी गई है।
शपथ ग्रहण समारोह में जुटेंगे कई दिग्गज
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ ही वहां उत्सव का माहौल है। इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेताओं को आमंत्रित किया गया है। सम्राट चौधरी इस समारोह में शामिल होकर नई सरकार के मुखिया और कैबिनेट मंत्रियों को बिहार की जनता की ओर से शुभकामनाएं देंगे। इस दौरान अन्य राज्यों से आए प्रमुख नेताओं के साथ उनकी औपचारिक मुलाकात की भी संभावना जताई जा रही है।
क्षेत्रीय सहयोग और विकास पर हो सकती है चर्चा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अनौपचारिक तौर पर बिहार और बंगाल के बीच साझा हितों, जैसे कि अंतर-राज्यीय परिवहन, सुरक्षा और व्यापारिक संबंधों पर चर्चा कर सकते हैं। दोनों राज्यों की सीमाएं एक-दूसरे से जुड़ी होने के कारण प्रशासनिक तालमेल काफी महत्वपूर्ण रहता है। मुख्यमंत्री की इस मौजूदगी को 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत क्षेत्रीय विकास को गति देने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।
सम्राट चौधरी के बढ़ते कद का संकेत
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का अन्य राज्यों के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होना उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को दर्शाता है। वे न केवल बिहार के प्रशासनिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, बल्कि राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर भी बिहार का प्रतिनिधित्व मजबूती से कर रहे हैं। इस दौरे के माध्यम से वे बिहार और बंगाल के सांस्कृतिक व ऐतिहासिक संबंधों को भी नई ऊंचाई देने की कोशिश करेंगे।
पटना लौटने पर शुरू होगा रूटीन कामकाज
शपथ ग्रहण समारोह के समापन के बाद मुख्यमंत्री वापस पटना लौट आएंगे। उनके आगमन के बाद राज्य में जारी विभिन्न विकास परियोजनाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए बैठकों का दौर फिर से शुरू होगा। फिलहाल, इस बंगाल दौरे को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी उत्सुकता है और इसे पड़ोसी राज्यों के बीच सकारात्मक राजनीतिक शिष्टाचार के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।
नरोत्तम की रिपोर्ट