तीन दिन में हीं स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर CM सम्राट ने बदला अपना फैसला, 4 लाख तक की मदद रहेगी जारी, कह दी बड़ी बात
Bihar Student Credit Card: बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच चल रहे असमंजस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति साफ कर दी है। ...
Bihar Student Credit Card: बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच चल रहे असमंजस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति साफ कर दी है। मुख्यमंत्री ने एक्स पर कहा कि उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को ₹4 लाख तक का स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड मिल रहा है और यह सुविधा आगे भी पहले की तरह जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आर्थिक संसाधनों की कमी को शिक्षा के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
दरअसल, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव की खबर सामने आने के बाद छात्रों के बीच यह भ्रम पैदा हो गया था कि शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा घटाकर सिर्फ ₹2 लाख कर दी गई है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने भी सफाई जारी कर इस धारणा को तथ्य से परे बताया।
शिक्षा विभाग के मुताबिक योजना में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कुल वित्तीय सहायता को घटाया नहीं गया है, बल्कि ऋण प्राप्त करने के विकल्पों में बदलाव किया गया है। अब ₹2 लाख तक का शिक्षा ऋण शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।वहीं, ₹2 लाख से ₹4 लाख तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता बैंकों के माध्यम से लेने की सुविधा रहेगी। यानी विद्यार्थियों के लिए कुल सहायता की अधिकतम सीमा ₹4 लाख ही बनी हुई है।मुख्यमंत्री के बयान के बाद सरकार की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि योजना की कुल सीमा में कटौती नहीं हुई है। इससे उन विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो उच्च शिक्षा के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर निर्भर हैं।
बजट में भी हुई बढ़ोतरी
शिक्षा विभाग ने योजना के बजट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए ₹886 करोड़ के व्यय की स्वीकृति दी गई थी।वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹950 करोड़ के व्यय की मंजूरी दी गई है। यानी पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस योजना के लिए ₹64 करोड़ अधिक खर्च की स्वीकृति मिली है।सरकार का तर्क है कि बजट में बढ़ोतरी से यह स्पष्ट होता है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए वित्तीय प्रावधान कम नहीं किया गया है। बल्कि युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता बरकरार है।
युवाओं की पढ़ाई पर आर्थिक तंगी नहीं बनेगी रोड़ा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में साफ किया कि बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके भविष्य को लेकर गंभीर है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक परेशानी के कारण कोई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित न हो।स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था लंबे समय से चल रही है। नई व्यवस्था में ऋण उपलब्ध कराने वाले माध्यम में बदलाव जरूर किया गया है, लेकिन सरकार के अनुसार ₹4 लाख तक की कुल शिक्षा सहायता की सुविधा जारी रहेगी। ऐसे में छात्रों के बीच फैले भ्रम को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग की ओर से दी गई सफाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब विद्यार्थियों को यह स्पष्ट हो गया है कि ₹2 लाख की सीमा कुल लोन सीमा नहीं है, बल्कि शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण की सीमा है। इसके अतिरिक्त ₹2 लाख से ₹4 लाख तक की सहायता बैंक के जरिए प्राप्त की जा सकती है।