राम मंदिर चंदा-चोरी के विरोध में 16 जुलाई को पूरे प्रदेश में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन,आस्था के नाम पर लूट और राजनीति का आरोप

राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे के नाम पर कथित रूप से की जा रही राजनीति और वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस पार्टी पूरे बिहार में हल्ला बोलने जा रही है। 16 जुलाई 2026 को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शन करेगी.

Patna : बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम के निर्देश पर कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा फैसला लिया है। राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे के नाम पर कथित रूप से की जा रही राजनीति और वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस पार्टी पूरे बिहार में हल्ला बोलने जा रही है। इसके तहत 16 जुलाई 2026 को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।


आस्था के नाम पर लूट और राजनीति का आरोप

कांग्रेस ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को इस मामले में घेरा है। कांग्रेस का आरोप है कि राम मंदिर के चंदे की आड़ में आस्था के नाम पर गंदी राजनीति की जा रही है। इसके साथ ही चढ़ावे के नाम पर बड़े पैमाने पर आर्थिक गड़बड़ी और लूट का खेल चल रहा है। इसी कथित "चंदा-चोरी" और पारदर्शिता की कमी को उजागर करने के लिए कांग्रेस सड़क पर उतरने का मन बना चुकी है।


पारदर्शिता के अभाव पर कांग्रेस मीडिया विभाग ने उठाए सवाल

बिहार प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने इस संबंध में अपनी बात रखते हुए कहा कि धार्मिक आस्था को राजनीतिक लाभ का जरिया बनाना और लोगों की श्रद्धा से जुड़े चढ़ावे के मामलों में पारदर्शिता न रखना बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस संवेदनशील मुद्दे पर जनता की आवाज बनकर खड़ी है और इसी लोकतांत्रिक अधिकार के तहत पूरे बिहार में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन के माध्यम से सच्चाई को जनता के सामने लाएगी।


सभी विंग और कार्यकर्ताओं को एकजुट होने का आह्वान

आंदोलन को धार देने और इसे पूरी तरह सफल बनाने के लिए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी आलाकमान की ओर से सभी जिला कांग्रेस कमेटियों, पार्टी पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों, प्रकोष्ठों (विंग्स) और जमीनी कार्यकर्ताओं से विशेष अपील की गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने संबंधित जिलों में आयोजित होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में भारी से भारी संख्या में भाग लें और अपनी एकजुटता प्रदर्शित करें।


जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन से बढ़ेगी सियासी तपिश

16 जुलाई को होने वाले इस चौतरफा प्रदर्शन को लेकर बिहार के सभी जिलों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। माना जा रहा है कि इस आंदोलन से राज्य की राजनीति में पक्ष-विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होगी। जिला मुख्यालयों पर कांग्रेसी नेताओं का जमावड़ा और उनका विरोध प्रदर्शन आगामी चुनावों से पहले जनता के बीच एक बड़ा संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।


नरोत्तम की रिपोर्ट