केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का फर्जी PA बनकर कॉल करने वाला शातिर गिरफ्तार, एक कैदी को बेऊर जेल ट्रांसफर करने का पुलिस को दिया था निर्देश

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का फर्जी निजी सचिव बनकर जेल प्रशासन में सेंधमारी करने की कोशिश करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान धीरज कुमार के रुप में हुई है, जो पहले भी इस तरह की घटना को अंजाम दे चुका है....

केन्द्रीय मंत्री ललन सिंह का फर्जी पीए गिरफ्तार- फोटो : अनिल कुमार

Patna : राजधानी पटना से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक शातिर ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का फर्जी निजी सचिव (PA) बनकर जेल प्रशासन में सेंधमारी करने की नाकाम कोशिश की। 4 अगस्त को दोपहर लगभग 3:50 बजे सचिवालय थाना क्षेत्र के अंतर्गत जेल विभाग को एक कॉल प्राप्त हुई, जिसमें भागलपुर जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी को तुरंत पटना के बेऊर जेल में स्थानांतरित (ट्रांसफर) करने का कड़ा निर्देश दिया गया था।


केंद्रीय मंत्री के असली निजी सचिव से सत्यापन के बाद खुला राज

जेल प्रशासन को कॉल और आदेश के लहजे पर संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल पूरे मामले का सत्यापन शुरू किया। पुलिस अधिकारियों ने जब केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के असली निजी सचिव से संपर्क कर पूछताछ की, तो उन्होंने ऐसा कोई भी निर्देश या कॉल करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद इस बड़े फर्जीवाड़े और प्रशासनिक धोखाधड़ी का भंडाफोड़ हुआ, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।


अरवल निवासी धीरज कुमार गिरफ्तार, सचिवालय थाने में दर्ज हुआ मामला

फर्जीवाड़े का खुलासा होते ही पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी सर्विलांस के आधार पर आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अरवल जिले के मेहंदिया निवासी धीरज कुमार के रूप में हुई है। आरोपी ने केंद्रीय मंत्री के नाम और पद का गलत इस्तेमाल कर एक गंभीर अपराध को अंजाम देने की कोशिश की थी, जिसके बाद सचिवालय थाने में उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।


पूर्व में भी जज और बड़ा अधिकारी बनकर कर चुका है फर्जी कॉल: सेंट्रल एसपी

मामले की जानकारी देते हुए पटना सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी धीरज कुमार बेहद शातिर प्रवृत्ति का है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि वह इससे पहले भी कई बार जज, बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और मंत्रियों का निजी सचिव बनकर अधिकारियों को फर्जी कॉल कर चुका है। पुलिस उसके पुराने आपराधिक इतिहास का पता लगा रही है और यह भी जांच कर रही है कि वह किस कैदी को बेऊर जेल बुलवाना चाहता था और इसके पीछे उसकी क्या मंशा थी।


गिरोह और आपराधिक सांठगांठ के कोण से भी जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या धीरज कुमार अकेले ही इस तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम देता था या इसके पीछे बेऊर और भागलपुर जेल से जुड़े अपराधियों का कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है। सेंट्रल एसपी ने स्पष्ट किया है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य संभावित चेहरे भी जल्द ही बेनकाब किए जाएंगे।


अनिल की रिपोर्ट