Bihar Transport: दरभंगा के परिवहन दरोगा पर गिरी गाज, अब भोजपुर में देनी होगी हाजिरी
बिहार परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन! दरभंगा के प्रवर्तन अवर निरीक्षक धनतेरस कुमार को राष्ट्रीय लोक अदालत की ड्यूटी में लापरवाही और SDM के आदेश की अवहेलना करने पर निलंबित कर दिया गया है।
बिहार में सरकारी कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना ली है। इसी कड़ी में बिहार परिवहन विभाग ने दरभंगा के प्रवर्तन अवर निरीक्षक (परिवहन दरोगा) धनतेरस कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। न्यायिक कार्यों में व्यवधान पैदा करने और अपने दायित्वों से भागने के गंभीर आरोपों के चलते विभाग ने यह कड़ा फैसला लिया है।
राष्ट्रीय लोक अदालत की ड्यूटी से रहे नदारद
निलंबन की मुख्य वजह राष्ट्रीय लोक अदालत जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में अनुपस्थित रहना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 7 मई को बिरौल बेंच में आयोजित लोक अदालत के लिए धनतेरस कुमार की विशेष ड्यूटी लगाई गई थी। उन्हें 8 मई को मौके पर जाकर प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेना था, लेकिन वे बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे। उनकी इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत के कारण लोक अदालत की तैयारियों में भारी बाधा उत्पन्न हुई।
SDM के आदेश और कॉल की अवहेलना
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब 9 मई को अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) बिरौल ने व्यवस्थाओं को संभालने के लिए उन्हें संपर्क करने की कोशिश की। आरोप है कि धनतेरस कुमार ने SDM के कॉल और अनुरोधों को पूरी तरह अनसुना कर दिया। वरिष्ठ अधिकारी के आदेशों की सरेआम अवहेलना और प्रोटोकॉल के उल्लंघन को विभाग ने अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए नियम 9(1)(क) के तहत उनकी कुर्सी छीन ली।
भोजपुर तबादला और विभागीय जांच के आदेश
निलंबन की अवधि के दौरान धनतेरस कुमार का मुख्यालय बदलकर भोजपुर (आरा) कर दिया गया है, जहाँ उन्हें नियमित हाजिरी लगानी होगी। इस दौरान उनके पूर्ण वेतन पर रोक लगा दी गई है और केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा। विभाग अब उनके खिलाफ विस्तृत चार्जशीट तैयार कर रहा है, जिसके बाद उनके खिलाफ आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रिपोर्ट: धीरज पराशर