बिहार में विलुप्त होती कांग्रेस पार्टी को बचाने की कोशिश, समर्पित कांग्रेसियों का खगड़िया में होगा सम्मेलन
Bihar News : आज बिहार कांग्रेस ने अपनीं ज़मीनी पहचान खो दी है और हवा हवाई हो गई है।हाल ही में लांच किया गया ”सृजन साथी जनसंपर्क अभियान” भी एक धोखा है, कार्यकर्ताओं को बरगलाने का एक नया फॉर्मूला है..
Patna : बिहार कांग्रेस विलुप्त होती कांग्रेस पार्टी को बचाने के लिए समर्पित कांग्रेसियों द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया है। कांग्रेस नेता एवं एआईसीसी सदस्य आनन्द माधव ने एक बयान जारी कर बताया कि, 21 अप्रैल को समर्पित कांग्रेसियों का एक बड़ा सम्मेलन होगा, जिसके संयोजक खगडिया के पूर्व विधायक छत्रपति यादव जी हैं। सम्मेलन में राज्य के कई नेताओं एवं पूर्व जिला अध्यक्षों के आने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन “बिहार कांग्रेस बचाओ अभियान” की ओर से बुलाया जा रहा है। सम्मेलन बुलानें का मूल कारण डूबते बिहार कांग्रेस को बचाना है। बिहार कांग्रेस के प्रभारी एवं प्रदेश अध्यक्ष के कर्मों के कारण बिहार कांग्रेस अब एक विलुप्त होती पार्टी बिहार में बन चुकी है। आज बिहार कांग्रेस ने अपनीं ज़मीनी पहचान खो दी है और हवा हवाई हो गई है।हाल ही में लांच किया गया ”सृजन साथी जनसंपर्क अभियान” भी एक धोखा है, कार्यकर्ताओं को बरगलाने का एक नया फॉर्मूला है।
कहा कि दरअसल प्रभारी कृष्णा अल्लावरू एवं प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम अपनी असफलताओं से कार्यकर्ताओं का ध्यान बंटाने के लिये नई नई योजनायें ला रहे हैं । राजेश राम के बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि इससे पहले ज़मीनी कार्यकर्ताओं को जोड़ने का बिहार कांग्रेस ने कभी कोई प्रयास ही नहीं किया । पूर्व अध्यक्ष डाक्टर मदन मोहन झा के समय में भी लोगों को जोड़ने के लिए डीजिटल अभियान चला था। लगभग 11 लाख लोग इससे जुड़े थे।
जिला अध्यक्ष बनने के लिये डीजिटल सदस्य बनाने की शर्त रखी गई थी। 52 नये जिला अध्यक्ष बनें हैं, प्रभारी एवं अध्यक्ष को यह सार्वजनिक करना चाहिए कि कितने जिले का अध्यक्ष उस आधार पर बनाया गया है। अधिकांश जिले में चुनावी राजनीति में असफल एवं ज़मानत ज़ब्त लोगों को अध्यक्ष बनाया गया है और वर्षों से जो लोग ज़मीन पर मेहनत कर रहे वह आज भी वे हताश और निराश हो स्वयं को हाशिए पर महसूस करते हैं ।
आनन्द माधव ने कांग्रेस को बिहार में बचाने के लिये, आलाकमान तक अपनी बात पहुँचाने के लिये 21 अप्रैल को खगड़िया जिला में कार्यकर्ताओं का एक सम्मेलन का आयोजन समर्पित कांग्रेसियों द्वारा आयोजित किया जा रहा है ।क्योंकि अगर कार्यकर्ताओं को नहीं जगाया गया तो बिहार में कांग्रेस का कोई नाम लेने वाला नहीं बचेगा, बिहार कांग्रेस का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
पटना से नरोत्तम