पटना हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के भविष्य और कल्याण पर मंथन, 15,000 रूपये पेंशन और बीस हज़ार रूपये स्टाइपेंड के साथ एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट की उठी मांग

Bihar News : पटना हाईकोर्ट परिसर में “Talk on Advocates Welfare Future Plan” नामक एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें अधिवक्ताओं से जुड़े कई मुद्दे पर चर्चा की गयी.......पढ़िए आगे

भविष्य और कल्याण पर मंथन - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : अधिवक्ताओं के कल्याण, सम्मान, सुरक्षा एवं बेहतर भविष्य को लेकर गुरुवार को पटना हाईकोर्ट परिसर स्थित एडवोकेट्स एसोसिएशन मेन हॉल में “Talk on Advocates Welfare Future Plan” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता राम जीवन प्रसाद सिंह ने की।  इस अवसर पर एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ एवं युवा अधिवक्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं के सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

इन प्रमुख मांगों में 65 वर्ष की आयु पूरी करने वाले अधिवक्ताओं के लिए कम से कम ₹15,000 प्रतिमाह पेंशन तथा नए अधिवक्ताओं के लिए कम से कम पांच वर्षों तक ₹20,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड दिए जाने की मांग शामिल रही। अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एक व्यापक एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एकट तत्काल बनाए जाने, अधिवक्ताओं को आयुष्मान भारत से जोड़ने तथा ₹15 लाख तक की चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। साथ ही अधिवक्ता कल्याण के लिए ₹5,000 करोड़ के बजटीय प्रावधान की मांग रखी गई। बैठक में बिहार स्टेट एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्ट कमेटी के अंतर्गत डेथ क्लेम एवं रिटायरमेंट क्लेम की राशि बढ़ाकर ₹25 लाख किए जाने तथा दावा प्रस्तुत किए जाने के एक माह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठी।  ऐसे अधिवक्ताओं को भी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने पर विचार की मांग की गई, जो 50 वर्ष की आयु के बाद किसी कारणवश पूर्व में उपलब्ध सुविधा से वंचित रह गए।

अधिवक्ताओं के लिए कोर्ट परिसर में बेहतर बैठने की व्यवस्था, नए वकालतखाने के निर्माण एवं पुराने वकालतखानों के जीर्णोद्धार, सुसज्जित लाइब्रेरी, आधुनिक तकनीकी सुविधाएं, महिला अधिवक्ताओं के लिए कॉमन रूम तथा ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी प्रमुखता से रखी गई। इसके अलावा प्रत्येक बार एसोसिएशन में सरकार की ओर से बिजली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा एडवोकेट्स एसोसिएशन, शताब्दी भवन, पटना हाईकोर्ट सहित अन्य बार परिसरों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग की गई। 

वहीँ प्रत्येक न्यायालय परिसर में एमबीबीएस चिकित्सकों से युक्त अस्पताल स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं और वे आम नागरिकों के अधिकारों एवं न्याय के लिए निरंतर संघर्ष करते हैं। इसलिए अधिवक्ताओं के सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य एवं पेशागत हितों की सुरक्षा के लिए एक ठोस और दीर्घकालिक कल्याण योजना आवश्यक है।