Bihar News : श्री श्री पंचरूपी हनुमान मंदिर ने स्वास्थ्य एवं सामुदायिक सेवा समिति का किया गठन, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सुनील बने संयोजक
Bihar News : श्री श्री पंचरूपी हनुमान मंदिर, राजवंशी नगर,पटना के द्वारा स्वास्थ्य एवं सामुदायिक सेवा समिति का गठन किया गया। जिसमें संयोजक डॉ. सुनील कुमार सिंह नेत्र रोग विशेषज्ञ को बनाया गया है.....पढ़िए आगे
PATNA : पटना के प्रसिद्ध श्री श्री पंचरूपी हनुमान मंदिर, राजवंशी नगर के द्वारा एक सराहनीय सामाजिक पहल करते हुए 'स्वास्थ्य एवं सामुदायिक सेवा समिति' का गठन किया गया है। मंदिर प्रबंधन की इस नई समिति में सुप्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार सिंह को सर्वसम्मति से संयोजक मनोनीत किया गया है। समिति के नवनियुक्त संयोजक डॉ. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन के विशेष आवाहन पर इस समिति को धरातल पर उतारा गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य मंदिर के सामाजिक सरोकार और जनकल्याण से जुड़े क्रियाकलापों को गति देना है।
इसी क्रम में समिति द्वारा अपने पहले बड़े सेवा कार्य की घोषणा की गई है। आगामी 'विश्व पर्यावरण दिवस' के शुभ अवसर पर श्री श्री पंचरूपी हनुमान मंदिर प्रबंधन की ओर से पटना जू के गेट नंबर-2 के समीप आगामी 5 जून 2026 को एक विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर का प्राथमिक उद्देश्य आम लोगों को उनके घर के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराना है, साथ ही उन्हें मौसमी बीमारियों और सेहत के प्रति जागरूक करना है।
इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन बिहार सरकार की भवन निर्माण विभाग मंत्री लेशी सिंह, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन एवं न्यास पर्षद के माननीय सदस्य सायन कुणाल के कर-कमलों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। उद्घाटन समारोह के दौरान शहर के कई अन्य गणमान्य लोग और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।
संयोजक डॉ. सुनील कुमार सिंह ने कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर कहा कि इस शिविर में आने वाले आम नागरिकों और राहगीरों के स्वास्थ्य की जांच अनुभवी डॉक्टरों की टीम द्वारा की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि मंदिर की इस स्वास्थ्य एवं सामुदायिक सेवा समिति के माध्यम से भविष्य में भी समय-समय पर शहर के विभिन्न सार्वजनिक और पिछड़े इलाकों में ऐसे नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रहेगा, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सके।