Bihar IAS Officers: रिशु श्री कनेक्शन से बिहार के 6 IAS पर ED का शिकंजा, अगला कौन? सत्ता के गलियारों में मची हलचल

Bihar IAS Officers: ठेकेदार रिशु श्री से जुड़ा कथित टेंडर घोटाला, जिसकी तपिश अब राज्य के छह वरिष्ठ IAS अधिकारियों तक पहुंच गई है।

सत्ता के गलियारों में मची हलचल- फोटो : reporter

Bihar IAS Officers: बिहार की अफसरशाही में इन दिनों बेचैनी का आलम है। वजह है ठेकेदार रिशु श्री से जुड़ा कथित टेंडर घोटाला, जिसकी तपिश अब राज्य के छह वरिष्ठ IAS अधिकारियों तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय  ने इन अधिकारियों को पूछताछ के लिए अपने पटना कार्यालय में तलब किया है। किसी से कई घंटे तक सवाल-जवाब हुए हैं, तो किसी को पेशी के लिए अगली तारीख दी गई है। इस कार्रवाई ने प्रशासनिक महकमे से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल पैदा कर दी है।

जांच का दायरा सिर्फ टेंडर आवंटन और सरकारी फैसलों तक सीमित नहीं बताया जा रहा। रिशु श्री की ओर से कुछ अधिकारियों और उनके परिजनों की कथित विदेश यात्राओं तथा दूसरी सुविधाओं का खर्च उठाए जाने के आरोप भी जांच के घेरे में हैं। हालांकि, इन आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही साफ हो सकेगी। फिलहाल छह अधिकारियों के नाम प्रवर्तन निदेशालय की पड़ताल से जुड़ चुके हैं। इनमें दो अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं, जबकि चार अब भी महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर तैनात हैं।

दो IAS अधिकारी पहले ही हो चुके हैं निलंबित

इस मामले में 2017 बैच के IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर का नाम प्रमुखता से सामने आया है। वह BUIDCO के तत्कालीन प्रबंध निदेशक थे। आरोप है कि ठेकेदार रिशु श्री ने योगेश कुमार सागर और उनके परिवार की विदेश यात्राओं का खर्च उठाया था। उनकी ऑस्ट्रिया यात्रा भी जांच के दायरे में है। टेंडर घोटाले में नाम आने के बाद राज्य सरकार ने 30 मई 2026 को उन्हें निलंबित कर दिया था। प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें समन भेजा है। बताया गया है कि उन्होंने पेशी के लिए मोहलत मांगी है और नवंबर के पहले सप्ताह में पूछताछ के लिए उपस्थित होना है।

2014 बैच की IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा भी इसी मामले में जांच का सामना कर रही हैं। उन पर रिशु श्री से कथित तौर पर विदेश यात्रा और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने के आरोप हैं। उनके और परिवार की विदेश यात्राओं पर करीब 19 लाख रुपये खर्च किए जाने के आरोपों की पड़ताल हो रही है। अभिलाषा को भी 30 मई 2026 को निलंबित किया गया था। पटना स्थित ED कार्यालय में उनसे पूछताछ हो चुकी है।

आठ घंटे से छह घंटे तक चली पूछताछ

2012 बैच के IAS अधिकारी सुनील कुमार यादव से भी प्रवर्तन निदेशालय ने रिशु श्री के साथ कथित संपर्क और टेंडर से जुड़े पहलुओं पर सवाल किए। 27 अक्टूबर को उनसे करीब आठ घंटे तक पूछताछ किए जाने की खबर है। वह फिलहाल श्रम संसाधन विभाग में विशेष सचिव हैं।

1996 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी आनंद किशोर का नाम भी नगर विकास एवं आवास विभाग तथा BUIDCO से जुड़े टेंडरों की जांच में आया है। प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 30 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया था। वह वर्तमान में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव हैं। इससे पहले वह लंबे समय तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं।

2013 बैच के IAS अधिकारी धर्मेंद्र कुमार से 28 अक्टूबर को पटना में करीब छह घंटे तक पूछताछ हुई। वह बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के चेयरमैन हैं और शिक्षा विभाग में विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं। जांच एजेंसी ने उनसे रिशु श्री के साथ कथित संपर्क, मुलाकात और विदेश यात्राओं को लेकर सवाल किए।

संतोष मल्ल से भी ED ने दर्ज किया पक्ष

1997 बैच के IAS अधिकारी संतोष कुमार मल्ल भी प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ का सामना कर चुके हैं। 29 अक्टूबर को उनसे टेंडर प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और रिशु श्री से जुड़े संपर्कों पर सवाल किए गए। वह फिलहाल आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव हैं। इसके अतिरिक्त उनके पास सामान्य प्रशासन विभाग में जांच आयुक्त और बिहार भवन, नई दिल्ली में विशेष कार्य पदाधिकारी की जिम्मेदारी भी है।

छह अधिकारियों से जुड़ी यह पड़ताल अब बिहार की नौकरशाही में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। जांच एजेंसी किन दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और बयानों के आधार पर आगे बढ़ती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। 

ब्यूरो रिपोर्ट