Bihar IAS Officers: रिशु श्री टेंडर घोटाला मामले में ED की कार्रवाई तेज, छह IAS अधिकारियों को समन, आनंद किशोर से भी होगी पूछताछ

Bihar IAS Officers: टेंडर घोटाला मामले छह अधिकारियों को समन भेजा गया है, उनमें आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव शामिल हैं।

आनंद किशोर से होगी पूछताछ- फोटो : social Media

Bihar IAS Officers:  बिहार की राजधानी पटना में  टेंडर घोटाला मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय  की कार्रवाई तेज हो गई है। रिशु श्री से जुड़े कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने बिहार के छह आईएएस अधिकारियों को समन जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ गई है। ED की टीम टेंडर प्रक्रिया, कथित वित्तीय लेनदेन और मामले से जुड़े दूसरे अहम पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक, जिन छह अधिकारियों को समन भेजा गया है, उनमें आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव शामिल हैं। एजेंसी इन अधिकारियों से अलग-अलग तारीखों पर पूछताछ कर मामले की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।

अलग-अलग तारीखों पर होगी पूछताछ

जानकारी के अनुसार, सुनील यादव से बुधवार को ED कार्यालय में पूछताछ की जा रही है, जबकि अभिलाषा कुमारी शर्मा से एजेंसी पहले ही पूछताछ कर चुकी है। संतोष कुमार मल्ल को 29 अक्टूबर और आनंद किशोर को 30 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है। अन्य अधिकारियों से पूछताछ की प्रक्रिया भी निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक आगे बढ़ाई जा सकती है।

ED की जांच का प्रमुख फोकस कथित टेंडर प्रक्रिया, उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन और संभावित अनियमितताओं पर है। हालांकि, पूछताछ में अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं, इस संबंध में एजेंसी की ओर से आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। समन जारी होने या पूछताछ किए जाने को अपने आप में किसी अधिकारी के दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद बढ़ी हलचल

इस मामले में 15 अक्टूबर को पटना हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद जांच को लेकर चर्चा तेज हुई। रिशु श्री की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उसकी भूमिका और संभावित मुख्य साजिशकर्ताओं को लेकर सवाल उठाए थे। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, अदालत ने इस आशंका पर भी विचार किया कि मामले में कथित रूप से अहम भूमिका निभाने वाले लोग जांच के दायरे से बाहर तो नहीं हैं।

इसके बाद छह आईएएस अधिकारियों को समन जारी किए जाने को जांच की अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। एजेंसी पूछताछ के जरिए कथित टेंडर सिंडिकेट की कार्यप्रणाली और विभिन्न लोगों की संभावित भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर सकती है।बताया जा रहा है कि इस मामले में वर्ष 2023 में केस दर्ज किया गया था। अब सभी की नजर ED की पूछताछ और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी है। रिशु श्री से जुड़े मामले में PMLA कोर्ट में भी अगली सुनवाई प्रस्तावित है। हालांकि, पूरे प्रकरण में आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।