शिक्षा मंत्री के हस्तक्षेप से शिक्षकों को मिली बड़ी राहत : नए सत्र में मिलेगा प्रशिक्षण का दोबारा मौका, संशोधित निर्देश जारी
Bihar News : बिहार के शिक्षकों को लिए बड़ी राहत की खबर है। शिक्षा मंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रशिक्षण को लेकर राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद ने संशोधित निर्देश जारी कर दिया है......
Patna : बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के सीधे हस्तक्षेप के बाद राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने शिक्षकों के हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। परिषद के निदेशक द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विभिन्न अनिवार्य कारणों से प्रशिक्षण का हिस्सा नहीं बन पाए शिक्षकों को निराश होने की आवश्यकता नहीं है। विभाग ऐसे सभी वंचित रह गए शिक्षकों को आगामी सत्र 2026-27 में प्रशिक्षण प्राप्त करने का एक और विशेष अवसर प्रदान करेगा।
चुनाव ड्यूटी और स्वास्थ्य कारणों से शामिल न होने वालों को रियायत
जारी किए गए नए संशोधित निर्देश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो शिक्षक SIR कार्य, विधानसभा चुनाव संबंधी महत्वपूर्ण दायित्वों के निर्वहन अथवा गंभीर स्वास्थ्य कारणों से पूर्व में आयोजित प्रशिक्षण में भाग नहीं ले सके थे, उन्हें पुनः प्रशिक्षण का अवसर दिया जाएगा। विभाग का यह कदम उन शिक्षकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो अपनी ड्यूटी या अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते समय पर प्रशिक्षण पूरा नहीं कर पाए थे।
ग्रीष्मावकाश में मुख्यालय से बाहर रहने पर नहीं होगी कोई दंडात्मक कार्रवाई
संशोधित दिशा-निर्देशों में ग्रीष्मावकाश को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। इसके तहत 1 जून से 20 जून 2026 तक की ग्रीष्मावकाश अवधि के दौरान यदि कोई शिक्षक अपनी पूर्व निर्धारित योजना या पारिवारिक कारणों से मुख्यालय से बाहर रहता है और इस वजह से प्रशिक्षण में शामिल होने में असमर्थ रहता है, तो उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की विभागीय या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ शिक्षकों के हितों के प्रति भी संवेदनशील
इस महत्वपूर्ण निर्णय पर अपनी बात रखते हुए शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षकों की वास्तविक व्यावहारिक कठिनाइयों और समस्याओं को बेहद गंभीरता से समझते हुए ही यह संवेदनशील निर्णय लिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार जहाँ एक ओर स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर अपने शिक्षकों के हितों, मान-सम्मान और उनकी बुनियादी सुविधाओं के प्रति भी पूरी तरह संवेदनशील है।
पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के बदले मिलेगा क्षतिपूर्ति अवकाश
शिक्षकों को एक और बड़ी राहत देते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष प्रशिक्षण केवल पाँच दिवसीय आवासीय होगा। इसके अलावा, प्रशिक्षण अवधि के दौरान शिक्षकों की छुट्टियाँ प्रभावित होने के बदले उन्हें विभाग द्वारा क्षतिपूर्ति अवकाश (Compensatory Leave) भी प्रदान किया जाएगा। शिक्षक इस अर्जित क्षतिपूर्ति अवकाश का उपयोग अपनी सुविधानुसार 31 दिसंबर 2026 तक कभी भी कर सकेंगे।
बताते चले कि बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने भीषण गर्मी के बीच शुरू हुए सेवाकालीन प्रशिक्षण को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जताई है। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री से गुहार लगाते हुए 1 जून से शुरू हुए इस विशेष प्रशिक्षण को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा विभाग ने पहले ही 1 जून से 20 जून तक के लिए ग्रीष्मावकाश (गर्मी की छुट्टी) घोषित कर रखा है, ऐसे में छुट्टियों के दौरान ट्रेनिंग का आयोजन उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन के अधिकारों का हनन है।
नरोत्तम की रिपोर्ट