बिहार में शिक्षा के बुनियादी ढांचे होंगे मजबूत: सीएम सम्राट चौधरी ने की समीक्षा बैठक, 211 नए डिग्री कॉलेजों और 2,996 स्कूलों में बनेंगे भवन

सीएम सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में राज्यभर में स्कूलों और कॉलेजों के भवन निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कई सख्त निर्देश दिए.....

सीएम सम्राट चौधरी का अधिकारियों को सख्त निर्देश- फोटो : अभिजीत

Patna : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यभर में स्कूलों और कॉलेजों के भवन निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से राज्य के 211 नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों के स्थायी कैंपस निर्माण की विस्तृत समीक्षा की गई। 


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। सरकार का मुख्य उद्देश्य उच्च और स्कूली शिक्षा के लिए सुदृढ़ बुनियादी ढांचा विकसित करना है ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।


2,996 विद्यालयों में नए भवन और 16,440 नई कक्षाओं का होगा निर्माण

राज्य में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयां देने के लिए इस वित्तीय वर्ष में व्यापक स्तर पर योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके तहत राज्य के 2,996 विद्यालयों में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। स्कूलों में छात्रों की बढ़ती संख्या और पठन-पाठन को सुगम बनाने के लिए 16,440 नई कक्षाओं का निर्माण किया जाएगा।


इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का अभाव दूर होगा और शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।


समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि शिक्षा व्यवस्था के विकास से जुड़ी इन आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभागों और अधिकारियों के लिए तय किए गए लक्ष्यों को समय पर पूरा करना एक बड़ी चुनौती है, जिस पर सरकार की पैनी नजर है। इन विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन से आने वाले समय में राज्य के शैक्षणिक संस्थानों की तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।


अभिजीत की रिपोर्ट