मंत्री हों, MLA हों या अफसर... इस गलती में पकड़ाए तो जाएंगे जेल, सीएम सम्राट चौधरी की सीधी चेतावनी - अब होगा Triple T एक्शन

सम्राट चौधरी ने कहा कि शॉर्टकट की संस्कृति छोड़कर ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा अपनाना होगा। विद्यालयों में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास किया जाएगा।

Samrat Chaudhary - फोटो : news4nation

Bihar News : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने की पहल को साकार करने के लिए चेतावनी भरे लहजे से बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने गुरुवार को बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस एवं बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, स्पेशल विजिलेंस यूनिट तथा आर्थिक अपराध इकाई सीधे कार्रवाई करे। भ्रष्टाचार करनेवाले लोगों को चिन्हित कर बिहार सरकार उनके जब्त किए गए परिसरों में विद्यालय संचालित करेगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों, विधायकों तथा शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारियों के विरुद्ध हमारी सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। 


उन्होंने कहा कि गरीबों को न्याय दिलाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। न्याय के साथ विकास तभी संभव है, जब सरकार की नीतियों एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी गड़बड़ी के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि शॉर्टकट की संस्कृति छोड़कर ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा अपनाना होगा। विद्यालयों में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी भारत को विकसित बनाने के लिये लगातार काम कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार  ने समृद्ध बिहार बनाने के लिये काफी काम किया है, उसे आगे बढ़ाने में हमलोग लगे हैं। उन्होंने कहा कि Triple T' (Transparency, Technology and Trust) से बिहार भ्रष्टाचार मुक्त बनेगा और इससे सुशासन को भी नई मजबूती मिलेगी। पुनः मैं आप सभी को बधाई देता हूँ। आप सभी बिहार को आगे बढ़ाने तथा समृद्ध बिहार बनाने में अपना योगदान दीजिये।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस के अवसर पर मैं बिहारवासियों को बधाई एवं शुभकामनायें देता हूँ। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी 9 प्रमंडलों में विशेष निगरानी न्यायालय (स्पेशल विजिलेंस कोर्ट) की स्थापना की जाएगी, ताकि भ्रष्टाचार के मामलों का त्वरित निस्तारण हो तथा दोषियों को शीघ्र दंड मिल सके। बिहार में अपराध एवं आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में सरकारी गवाहों को यदि गवाही देने के लिए कहीं जाना पड़े, तो उन्हें परिवहन भत्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को ध्यान में रखते हुए बिहार के प्रत्येक जिले में निगरानी थाना तथा सभी अनुमंडलों में निगरानी ओ०पी० स्थापित की जाएगी। बिहार की आर्थिक अपराध इकाई एवं निगरानी अन्वेषण ब्यूरो अपने साथ विशेषज्ञ व्यक्तियों को जोड़ते हुए ऐसी आधुनिक एवं स्मार्ट कार्यप्रणाली विकसित करे कि विशेष परिस्थिति में प्रवर्तन निदेशालय (ई०डी०) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सी०बी०आई०) को भी इनके सहयोग की आवश्यकता महसूस हो।


कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ० बी० राजेंदर एवं निगरानी अंवेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रियों, अधिकारियों एवं कर्मियों ने सतर्कता शपथ पत्र पढ़कर अपने सभी कार्यों का निष्पादन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता से करने तथा सभी कार्यों के संचालन में संबंधित कानून और नियमावली / प्रक्रियाओं का पालन करने के साथ ही जनहित को सदैव सर्वोपरि रखने का शपथ लिया।


सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन में निगरानी विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निगरानी अनवेषण ब्यूरो के नवीन लोगो का अनावरण किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष निगरानी विभाग के कार्यों एवं उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।