Bihar News: होली में भूल जाइए 'मटन पार्टी'! अब आम आदमी के पहुंच से बाहर होगा मीट, जानें अब कितनी बढ़ेगी कीमत?

Bihar News: सरकार के इस सख्त रुख ने जहां मटन प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया है। क्या अब मटन खाना आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएगा? और सरकार के इस 'ब्लैक कर्टन' (काला पर्दा) नियम के पीछे की असली वजह क्या है?

मटन के बढ़ेंगे भाव! - फोटो : AI Image

Bihar News: बिहार में मटन की हांडी अपने स्वाद के प्रसिद्ध है। मटन पर अक्सर बिहार में राजनीति भी होती है। चंपारण मीट तो अपने आप में विख्यात है। वहीं अब अपने स्वाद के लिए प्रसिद्ध मटन अपनी कीमत और नए नियमों के कारण सुर्खियों में है। नीतीश सरकार ने मटन को लेकर वर्षों पुराने नियम को बदल दिया है। मटन खाने वालों के लिए यह किसी झटके से कम नहीं हैं। माना जा रहा है कि नीतीश सरकार यह फैसला ले ले तो मटन की कीमतों में भारी इजाफा हो सकता है। ऐसे में मटन खाने का असर अब सीधे लोगों के जेब पर पड़ेगा। 

मटन प्रेमियों के लिए बुरी खबर 

दरअसल, राज्य सरकार ने 'क्लीन सिटी' और स्वच्छता अभियान के तहत मांस की बिक्री को लेकर एक नया 'मीट कानून' तैयार किया है, जिसके लागू होते ही पूरे राज्य में मटन का जायका महंगा होना तय माना जा रहा है। अब न तो सड़क किनारे खुले में मटन लटकता दिखेगा और न ही बिना लाइसेंस के कोई दुकान चल पाएगी। सरकार के इस सख्त रुख ने जहां मटन प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं व्यापारियों के बीच हड़कंप मच गया है। क्या अब मटन खाना आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएगा? और सरकार के इस 'ब्लैक कर्टन' (काला पर्दा) नियम के पीछे की असली वजह क्या है? आइए जानते हैं इस नई गाइडलाइन को...

होली के पहले लगा बड़ा झटका 

बता दें कि, होली से पहले बिहार के लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में सड़क किनारे खुले में मांस बेचने पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। इस निर्णय के बाद मटन की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। आमतौर पर होली के दौरान मटन के दाम बढ़ते हैं, लेकिन नई व्यवस्था के बाद पूरे साल कीमतें ऊंची रह सकती हैं। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने दरभंगा दौरे के दौरान घोषणा की कि अब खुले में मांस बिक्री की अनुमति नहीं होगी। नियम का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मांस की दुकानों के लिए वैध लाइसेंस लेना अनिवार्य किया जाएगा।

पूरे राज्य में लागू होगी व्यवस्था

दरभंगा जिला प्रशासन ने इस निर्णय पर अमल शुरू कर दिया है और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे बिहार में लागू किया जाएगा। जिन दुकानदारों के पास वैध लाइसेंस होगा, उन्हें निर्धारित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, बिना लाइसेंस के कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह कदम साफ-सफाई, जन स्वास्थ्य और शहरी व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, व्यापारियों का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिससे मटन की कीमतों में उछाल आ सकता है। होली के मद्देनजर बाजार में पहले से ही मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में नई पाबंदियों के बीच मटन के दाम पर सबकी नजर बनी हुई है।

कितनी बढ़ सकती है कीमत 

वर्तमान में पटना और बिहार के प्रमुख शहरों में मटन की औसत कीमत ₹750 से ₹800 प्रति किलो के बीच है। हालांकि, नए नियमों के बाद कीमतें इस प्रकार बढ़ सकती हैं। नए कानून के तहत लाइसेंस फीस, दुकान को पर्दे/शीशे से ढंकने का खर्च और साफ-सफाई के मानकों को पूरा करने की वजह से दुकानदार प्रति किलो ₹50 से ₹100 तक दाम बढ़ा सकते हैं। मार्च में होली के चलते मटन की मांग चरम पर होगी। जानकारों का मानना है कि इस दौरान मटन की कीमत ₹1,000 से ₹1,200 प्रति किलो तक पहुंच सकती है।